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गोवा एयरपोर्ट पर आयशा टाकिया और उनके पति के साथ हुई बदसलूकी, एक्ट्रेस के पति ने लगाए बड़े आरोप

2022-10-07 14:50:55 691

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपSonali Phogat: गृहनगर हिसार पहुंचा सोनाली फोगाट का पार्थिव शरीर, आज होगा अंतिम संस्कार******Highlightsभारतीय जनता पार्टी की नेता और अभिनेत्री सोनाली फोगाट का शव आज सुबह गृह नगर हिसारलाए जाने के बाद ढंढूर फार्म हाउस से 11 बजे सोनाली की अंतिम यात्रा ऋषि नगर श्मशान घाट हिसार के लिए रवाना होगी। वहीं, हत्या के दोनों आरोपी सुधीर सांगवान और सुखविंद्र सांगवान को आज गोवा पुलिस कोर्ट में पेश करके पुलिस रिमांड हासिल करने का प्रयास करेगी।बता दें कि सोनाली फोगाट (Sonali Phogat) का गोवा में निधन हो गया था। गोवा पुलिस ने बताया था कि उनकी मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई। वहीं सोनाली फोगाट की बहन का कहना है कि सोनाली ने सोमवार सुबह मां से बात के दौरान बताया था कि उन्हें खाने में कुछ गड़बड़ लग रही है और ऐसा लग रहा है कि कोई साजिश हो रही है। हालांकि सच्चाई क्या है, इस पर अभी साफ तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।इस मामले में सोनाली के जीजा ने बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। जानकारी के अनुसार 23 अगस्त की रात आखिरी बातचीत सोनाली की उनके जीजा अमन पुनिया से ही हुई थी। यह बातचीत काफी लंबी हुई थी। इस बातचीत के दौरान सोनाली डरी हुई थी, वह रो रही थी-कह रही थी कि 'जीजाजी मैंने परिवार को कुछ समय नहीं दिया,अपना जीवन बर्बाद किया। ये लोग मेरे साथ गलत कर रहे हैं।वो घबराई थी। इस बातचीत के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। सोनाली के जीजा अमन पुनिया ने इंडिया टीवी को कहा कि सोनाली को उनके पीए सुधीर और बॉडीगार्ड सुखविंदर ने एमडी ड्रग दिया और ये बात खुद इन दोनों ने पुलिस को जो बयान दिया उसमें कबूली है।अमन पुनिया ने बताया कि सुधीर और सुखविंदर ने कहा कि सोनाली ने खुद ड्रग लिया लेकिन वो ओवरडोज हो गया। इससे उनकी हालत बिगड़ी और उसके बाद दोनों सोनाली को वॉशरूम में ले गए और 3 घंटे वॉशरूम में बंद रखा। अगर इन तीन घंटों में सोनाली को मेडिकल हेल्प मिल जाती तो उसकी जान बच जाती, लेकिन इन दोनों में साजिश के तहत ऐसा नहीं होने दिया। दोनों चाहते थे कि सोनाली की मौत हो जाए।

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपबिजली की लाइन से कितने नीचे होने चाहिए आपके गार्डन के पेड़ ताकि आप रहें सुरक्षित******Highlightsगार्डनिंग का शौक ज्यादातर लोगों को होता है। हरी भरी हरियाली हर किसी का मन आकर्षित करती हैं। कुछ लोग अपने गार्डन को खूबसूरत बनाने के लिए कई तरह के पेड़ पौधे से सजाते हैं। कई तरह की पेड़ की डिमांड मार्केट में बढ़ रही है, जिसे लोग अपने गार्डन में लगाना पसंद करते हैं। कुछ पेड़ पौधे लंबे होते हैं जो गार्डन को चारों तरफ से घेर देती हैं। इससे गार्डन बेहद खूबसूरत तो लगता है लेकिन यह कई मायनों में खतरनाक साबित हो सकता है। यह पेड़ भले ही आपको ऑक्सीजन देते हो, अच्छी हवा देते हो लेकिन कई बार पेड़ पौधों से दुर्घटना भी हो जाती हैं, ऐसे में अगर आप कोई भी पेड़ पौधे लगा रहे हैं तो सबसे पहले नियमों को जान लेना बेहतर होगा। कई बार लंबे लंबे पेड़ पौधे बिजली की लाइन को टच कर जाते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना होने का डर बना रहता है। आइए जानते हैं बिजली की लाइन से कितने नीचे आपके गार्डन के पेड़ होने चाहिए ताकि आपके लिए सुरक्षित रहें।अगर आपको नए नए तरीके के पेड़ पौधे लगाने का शौक है तो उनके नियम जान लेना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। आप देख लें कहीं आपके गार्डन के आसपास बिजली की लाइन तो नहीं है। अगर है तो बिजली की लाइनों के नीचे एवं लाइन से 15 फुट दूरी तक किसी भी प्रकार का पौधा न लगाएं, क्योंकि इन पेड़ों की वजह से बिजली की लाइनों में फाल्ट आ जाता है। जिससे बिजली सप्लाई बंद हो जाती है। इन पेड़ों की वजह से बिजली की तार टूट जाती है और तारों में करंट आने की वजह से दुर्घटना भी कई बार हो जाती है।इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमारे आधुनिक जीवन के लिए विद्युत सेवा महत्वपूर्ण है। ऐसे में बिजली बाधित होने का सबसे पहला कारण पेड़ों और शाखाओं के ओवरहेड तारों को प्रभावित करना है। इसके अलावा पेड़ के ऊपर से बिजली लाइन गुजरने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में बिजली लाइन की निश्चित दूरी से गार्डन में पेड़ों को लगाना चाहिए ताकि कोई भी किसी भी भी तरह की दुर्घटना का शिकार ना हो जाए।20 फीट (6 मीटर) या उससे कम की ऊंचाई तक होने वाले पेड़ बिजली की लाइन से कम से कम 10 फीट (3 मीटर) दूर लगाए जाने चाहिए।जिन किसानों के पेड़ इन लाइनों के काफी नजदीक हैं वे इन पेड़ों को काट लें। पेड़ों को काटते समय इसकी सूचना बिजली विभाग को अवश्य दें, ताकि बिजली की सप्लाई बंद की जा सके।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपRajiv Gandhi Birth Anniversary: सोनिया के प्यार में पढ़ाई से हट गया था राजीव गांधी का ध्यान, सभी विषयों में हो गए थे फेल, जानें पूरी लव स्टोरी******Highlightsदेश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 78वीं जयंती है। इस दिन को देश में सदभावना दिवस (Sadbhavana Diwas 2022) के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। इस मौके पर हम आपको राजीव और सोनिया गांधी की लव स्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं। वो साल 1965 का समय था, जब 21 साल के राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ने के लिए गए थे। इसी जगह इटली से एंटोनिया अलबिना मायनो यानी सोनिया गांधी अंग्रेजी भाषा सीखने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के लेनॉक्स कुक स्कूल में पहुंची थीं। राजीव और सोनिया (Sonia Gandhi) के कैंपस बिल्कुल अलग थे और उनके आपस में मिलने का कोई सवाल ही नहीं उठता था लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ, जिसने इन दोनों को आखिरकार मिला ही दिया।रोज एक जैसा खाना खाकर बोर हो गई थीं सोनियासोनिया (Sonia Gandhi) को रोज वही खाना खाकर बोरियत हो रही थी। आलू, उबली पत्तागोभी, ऑमलेट और ब्रेड के साथ टोमैटो सॉस खाकर वह परेशान हो चुकी थीं, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वह यूनिवर्सिटी के रेस्टोरेंट में खाना खाएंगी। इसी रेस्टोरेंट में वह राजीव से मिलीं, जब क्रिस्टियन वान स्टेगालिट्ज नाम का शख्स राजीव को लेकर वहां पहुंचा। क्रिस्टियन, सोनिया (Sonia Gandhi) का दोस्त था और उसी ने पहली बार राजीव (Rajiv Gandhi) को सोनिया से मिलवाया। राजीव ने सोनिया से हाथ मिलाना चाहा लेकिन सोनिया शरमा गईं। हालांकि बाद में सोनिया ने राजीव से हाथ मिला ही लिया।पहली मुलाकात में सोनिया से प्यार करने लगे थे राजीवराजीव गांधी (Rajiv Gandhi) को सोनिया से पहली मीटिंग में ही प्यार हो गया था। वह रेस्टोरेंट में सोनिया को एकटक देखे जा रहे थे। लंच के बाद क्रिस्टियन ने राजीव से पूछा कि क्या तुम उसको पसंद कर रहे हो? राजीव ने हां में जवाब दिया। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) की जीवनी 'द रेड साड़ी' में इस बात का जिक्र मिलता है कि राजीव गांधी उसी दिन ये तय कर चुके थे कि सोनिया ही उनकी पत्नी होंगी।राजीव ने किया सोनिया को प्रपोजराजीव गांधी सोनिया (Sonia Gandhi) को क्रिस्टियन के लाउंज में लेकर गए थे। यहां उन्होंने साथ में डांस किया और काफी वक्त साथ बिताया। रात के 11 बज चुके थे और बारिश का मौसम था। ऐसे में राजीव (Rajiv Gandhi) ने सोचा कि हम पैदल ही चलेंगे। इसी दौरान राजीव ने सोनिया को प्रपोज किया, जिसे उन्होंने मुस्कुराते हुए स्वीकार कर लिया।राजीव ने मां इंदिरा गांधी को लिखा पत्रराजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने अपनी मां इंदिरा गांधी को जुलाई 1965 में सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लेकर पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी मां से कहा कि आप हमेशा मुझसे मिलने वाली लड़कियों के बारे में पूछती थी, आज मैं आपको ये बताना चाहता हूं कि मेरी एक खास लड़की से मुलाकात हुई है, मैं इससे शादी करना चाहूंगा।इस पत्र के जवाब में इंदिरा गांधी ने लिखा कि जिस पहली लड़की से आप मिलें, जरूरी नहीं कि वो आपके लिए बेहतर हो। जब मैं लंदन आऊंगी तो आपसे मिलूंगी। इसके बाद राजीव (Rajiv Gandhi) ने सोनिया को बताया कि उनकी मां उनसे मिलेंगी। इससे सोनिया काफी डर भी गई थीं। हालांकि डरी सहमी सोनिया जब इंदिरा (Sonia Gandhi) से मिलीं तो थोड़ी ही देर में सहज हो गईं क्योंकि इंदिरा ने उनसे फ्रेंच में बात की, जिससे सोनिया काफी कंफरटेबल हो गईं।सोनिया के पिता थे शादी के खिलाफदरअसल सोनिया (Sonia Gandhi) के पिता ये नहीं चाहते थे कि उनकी शादी राजीव (Rajiv Gandhi) से हो। ऐसा इसलिए था क्योंकि राजीव भारत लौटने वाले थे और सोनिया के पिता का मानना था कि वहां का कल्चर अलग है। लेकिन सोनिया ने अपने मां-पिता के फैसले के खिलाफ जाकर राजीव गांधी से शादी करने का फैसला लिया था।सोनिया के प्यार में पढ़ाई से भटका ध्यान, सभी विषयों में हुए फेलराजीव गांधी (Rajiv Gandhi) सोनिया के प्यार में पूरी तरह डूब चुके थे। उनका ट्रिनिटी कॉलेज की पढ़ाई से ध्यान हट गया था, जिसका असर ये हुआ कि वह सभी विषयों में फेल हो गए। हालांकि इसके बाद उन्होंने कैंब्रिज कॉलेज छोड़ दिया और वह इंपीरियल कॉलेज चले गए। यहां उन्होंने इंजीनियरिंग और मैकेनिक्स की पढ़ाई की।

गोवा एयरपोर्ट पर आयशा टाकिया और उनके पति के साथ हुई बदसलूकी, एक्ट्रेस के पति ने लगाए बड़े आरोप

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपद कोरिया में गहराया कोरोना वायरस का संकट, 500 के करीब पहुंचा प्रभावितों की संख्या****** कोरोना वायरस के प्रकोप से चीन के बाद विश्व में सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण कोरिया में संक्रमित लोगों की संख्या करीब पांच हजार पर पहुंच गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को 477 नए मामलों की जानकारी दी। कोरिया रोग नियंत्रण एवं बचाव केंद्र (केसीडीसी) ने बताया कि दो और लोगों की मौत के साथ मृतकों की कुल संख्या 28 तक पहुंच गई है।दक्षिण कोरिया में हाल में संक्रमण के मामले अचानक से बढ़ गए हैं। वहीं, अधिकारियों ने शिंचेओंजी चर्च ऑफ जीसस के साथ जुड़े 2,60,000 से अधिक लोगों की जांच तेज कर दी है। संक्रमण के आधे से ज्यादा मामले इस धार्मिक समूह से जुड़े लोगों में पाए गए हैं।प्रकोप को देखते हुए कोरिया पॉप संगीत कार्यक्रम से लेकर खेल कार्यक्रमों तक सैकड़ों आयोजनों को या तो रद्द करना पड़ा या स्थगित कर दिया गया है। वहीं, देशभर में स्कूलों की छुट्टियां तीन हफ्ते तक बढ़ा दी गई हैं। केसीडीसी ने बताया कि देशभर में सामने आए 4,812 मामलों में से करीब 90 प्रतिशत दाएगू और पड़ोसी प्रांत उत्तर ग्योंगसांग से सामने आए।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपबैंक ऑफ इंडिया ने बाह्य मानक आधारित ब्याज दर में की 0.75 प्रतिशत की कटौती****** बैंक ऑफ इंडिया ने बाह्य मानक आधारित ब्याज दर को 0.75 प्रतिशत घटाकर 7.25 प्रतिशत करने की रविवार को घोषणा की। नयी दर एक अप्रैल से प्रभावी होगी। इस तरह बैंक ने रिजर्व बैंक की रेपो दर में हाल में की गयी 0.75 प्रतिशत की पूरी कटौती का लाभ ग्राहकों तक तुरंत पहुंचाने का कदम उठाया है। बैंक ऑफ इंडिया की बाह्य मानक आधारित ब्याज दर रेपो दर से जुड़ी हुई है। रिजर्व बैंक ने 27 मार्च को रेपो दर को 0.75 प्रतिशत घटाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया था। ने एक बयान में कहा, ‘‘बाह्य मानक आधारित ब्याज दर को 0.75 प्रतिशत घटा दिया गया है। अब यह दर सालाना 7.25 प्रतिशत हो गयी है। इस तरह हमने रिजर्व बैंक के द्वारा रेपो दर में की गयी हालिया कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को दिया है।’’ बैंक ने एक माह से लेकर एक साल तक की परिपक्वता अवधि वाले ऋण के लिये सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) में भी 0.25 प्रतिशत की कटौती की है।इसके साथ ही एक दिन की परिक्वता वाले ऋण के लिये में 0.15 प्रतिशत की कटौती की गयी है। इससे पहले (आरबीआई) ने शुक्रवार को रिजर्व बैक की मौद्रिक नीति की घाषणा के कुछ ही घंटे के अंदर अपनी रेपो और वाह्य मानक पर आधारित ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की थी।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपत्योहारों पर खरीदना है नया फोन? ये हैं बाजार में 15000 से कम कीमत के बेहतरीन विकल्प******best smartphones under Rs 15000भारत में त्योहारी सीजन शुरू होते ही सभी कंपनियां अपने नए प्रॉडक्ट लॉन्च करने में जुट गई हैं। पिछले कुछ महीनों में हमने बाजार में बजट सेगमेंट में ढेरों लॉन्च देखे हैं। वहीं इसी हफ्ते से अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर फेस्टिवल सेल शुरू होने जा रही हैं। इस दौरान कई लोग बजट स्मार्टफोन खरीदना चाह रहे हैं। यदि 15,000 रुपये से कम की रेंज की बात करें, तो यहां पांच स्मार्टफ़ोन अपनी दावेदारी पेश करते हैं।इस साल की शुरुआत में लॉन्च हुआ Redmi Note 9 Pro का बेस वैरिएंट 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज के साथ 13,999 रुपये में उपलब्ध है। कीमत में कटौती के कारण बिक्री के दौरान आप क्रमशः 4GB + 128GB और 6GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये और 16,999 रुपये पर प्राप्त कर सकते हैं। फोन में 6.67 इंच का फुल एचडी + डिस्प्ले है। इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर है जो गेमिंग के लिए मुफीद है। पीछे की तरफ, इसमें 48MP प्राइमरी कैमरा, 8MP अल्ट्रा वाइड कैमरा, 5MP मैक्रो कैमरा और 2MP डेप्थ सेंसर के साथ क्वाड-कैमरा सेटअप है। सेल्फी के लिए 16MP है। यह 5W20 mAh की बैटरी है, जिसमें 18W फास्ट-चार्जिंग सपोर्ट है।पोको एम 2 प्रो का बेस वैरिएंट 4GB रैम और 64GB इंटरनल स्टोरेज के साथ आता है, जिसकी कीमत 13,999 रुपये है, जबकि 64GB स्टोरेज वैरिएंट के साथ 6GB रैम की कीमत 14,999 रुपये है। 6GB + 128GB वैरिएंट की कीमत 16,999 रुपये है लेकिन आने वाले दिनों में इसकी कीमत घट सकती है। पोको एम 2 प्रो पर स्टोरेज 512 जीबी तक माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से विस्तार योग्य है। इसमें 6.67-इंच का फुल HD + डिस्प्ले है जिसका स्क्रीन रेज्योलेशन 2400 × 1080 पिक्सल है। इसमें 5,000 mAh की बड़ी बैटरी है जो 33W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। हुड के तहत, इसमें एक क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 720G प्रोसेसर है जो एड्रेनो 618 जीपीयू के साथ जोड़ा गया है जो इसे गेमर्स के लिए एक सभ्य खरीद बनाता है। स्मार्टफोन में फ्रंट में 16MP का कैमरा है। रियर पैनल पर, फोन में 48MP प्राथमिक कैमरा के साथ एक क्वाड-कैमरा सेटअप शामिल है। फोन में 8MP अल्ट्रा वाइड-एंगल लेंस, 5MP मैक्रो लेंस और 2MP डेप्थ सेंसर के साथ युग्मित एक प्राथमिक 48MP इमेज सेंसर शामिल है।Realme Narzo 20 Pro, Narzo श्रृंखला में पहला प्रो संस्करण है। फोन मीडियाटेक हेलियो G95 प्रोसेसर के साथ गेमिंग दर्शकों के लिए है। 14,999 रुपये में आपको 6GB + 64GB वैरिएंट मिलेगा। स्टोरेज माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से 512GB तक विस्तार योग्य है। नार्ज़ो 20 प्रो 6.5 इंच के फुल एचडी + डिस्प्ले के साथ आता है जिसमें 90Hz रिफ्रेश रेट और 120Hz टच सैंपलिंग रेट है। पीछे की तरफ, इसमें क्वाड-कैमरा सेटअप है जिसमें 48MP AI क्वाड कैमरा, 119 डिग्री अल्ट्रा वाइड लेंस, एक रेट्रो पोर्ट्रेट सेंसर और 4MP मैक्रो कैमरा है। इसमें 16MP का फ्रंट कैमरा भी है। फिंगरप्रिंट स्कैनर फोन के साइड में है। यह 4,500 एमएएच की बैटरी द्वारा समर्थित है जो सूची में सबसे बड़ी नहीं है लेकिन यह 65W सुपरडार्ट चार्जिंग समर्थन के साथ सूची में सबसे तेज चार्जिंग गति का समर्थन करता है।सैमसंग M21 इस श्रेणी का एक अलग फोन है जो उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो शायद गेमिंग में नहीं बल्कि कंटेंट देखने में रुचि रखते हैं। यह 6.4-इंच की सुपर AMOLED फुल HD + डिस्प्ले के साथ आता है, जिसमें 60Hz का रिफ्रेश रेट है। इसमें 48MP प्राइमरी कैमरा, 8MP अल्ट्रावाइड कैमरा और 5MP डेप्थ कैमरा के साथ ट्रिपल कैमरा सेटअप है। फ्रंट में, इसमें 20MP का फ्रंट-फेसिंग कैमरा है। अंदर की तरफ, इसमें 4GB रैम के साथ Exynos 9611 प्रोसेसर और बेस वैरिएंट के लिए 64GB इंटरनल स्टोरेज है जो 13,999 रुपये में उपलब्ध है। 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला उच्च संस्करण 15,999 रुपये में उपलब्ध है जो आने वाले दिनों में घट सकता है। फोन की मुख्य विशेषता इसकी 6,000 एमएएच बैटरी है। हालांकि, यह केवल 15W फास्ट चार्जिंग का समर्थन करता है जो सूची में सबसे कम है।Realme 7 में नार्ज़ो 20 प्रो के समान ही मीडियाटेक हीलियो जी 95 प्रोसेसर है और 6 जीबी रैम और 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज वाले बेस वेरिएंट की कीमत 14,999 रुपये है। माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए स्टोरेज 256GB तक एक्सपैंडेबल है। इसमें 48MP प्राइमरी कैमरा के साथ क्वाड-कैमरा सेटअप है और फ्रंट स्नैपर 16MP है। यह 6.5 इंच फुल एचडी + डिस्प्ले के साथ 90Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। यह सभी 33W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5,000 mAh की बैटरी द्वारा समर्थित है।

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गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपप. बंगाल में 12 मई को होने वाले मतदान के लिए तैनात किए जाएंगे 71 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी****** केन्द्र सरकार की आठ लोकसभा सीटों के लिए 12 मई को होने वाले मतदान को हिंसामुक्त बनाने के लिए 71 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात करेगी। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।रविवार को तमलुक, कांठी, गाथल, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा और बिशुनपुर निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। अधिकारियों ने कहा कि बंगाल के माओवाद प्रभावित जंगलमहल इलाके में आईईडी विस्फोटक के बचने के लिए सुरक्षा बलों को वाहनों में आवाजाही नहीं करने का निर्देश दिया गया है।अधिकारियों ने कहा बंगाल में 12 मई को होने वाले मतदान के लिये 713 कंपनियां अथवा 71,300 महिला और पुरुष सुरक्षाकर्मियों को बंगाल में चुनावी ड्यूटी में तैनात किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, आरपीएफ और आरएएफ की 602 कंपनियां और राज्य सशस्त्र पुलिस की 111 कंपनियां तैनात की जाएंगी।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपकहीं महंगाई फिर न बन जाए परेशानी, सरकारी अधिकारी ने खरीफ उत्पादन 2.5% कम रहने का अनुमान लगाया****** देश में महंगाई के फिर से बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है क्योंकि खाद्यान्न उत्पादन चालू खरीफ सत्र में 35 लाख टन घटकर 13.5 करोड़ टन रहने का अनुमान है। आधिकारिक सूत्रों ने आज कहा कि देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ तथा कुछ अन्य इलाकों में बारिश कम रहने की वजह से खाद्यान्न उत्पादन में कमी आने का अंदेशा है।मानसून बेहतर रहने से फसल वर्ष 2016-17 के खरीफ सत्र में देश का खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 13 करोड़ 85 लाख टन हुआ था।सूत्रों के अनुसार कुल खरीफ खाद्यान्न उत्पादन :चावल, दलहन और मोटे अनाज को मिलाकर चालू सत्र में करीब 13.5 करोड़ टन रहने की संभावना है। खरीफ फसलोंकी बुवाई का काम जुलाई के करीब शुरु होता है और कटाई अक्तूबर से शुरु होती है।उन्होंने कहा कि इस गिरावट का मुख्य कारण कमजोर बरसात तथा दलहनों की नरम कीमतों के मद्देनजर धान और दलहन फसलों की खेती के रकबे में कमी आना है।सूत्रों ने बताया कि चावल का उत्पादन पिछले खरीफ सत्र के नौ करोड़ 63 लाख टन के मुकाबले घटकर करीब 9.5 करोड़ टन रह जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यही मामूली गिरावट दलहनों में रहने की आशंका है।हालांकि मोटे अनाजों का उत्पादन चालू खरीफ सत्र के दौरान सामान्य रहेगा।खरीफ फसलों के उत्पादन का यह आरंभिक आकलन है और उत्पादन के आंकड़ों को बाद में बढ़ाया जा सकता है क्योंकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसान देर से बुवाई कर सकते हैं। इसके अलावा कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों में वर्षा शुरू हुई है जहां जून जुलाई के दौरान सूखे की स्थिति थी।सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठ सितंबर तक धान बुवाई का रकबा कम यानी 371.46 लाख हेक्टेयर रह गया जो वर्ष भर पहले की समान अवधि में 376.89 लाख हेक्टेयर था।इसी प्रकार दलहन बुवाई का रकबा भी पहले के 144.84 लाख हेक्टेयर से घटकर 139.17 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि मोटे अनाज की बुवाई का रकबा भी पहले के 186.06 लाख हेक्टेयर से घटकर 183.43 लाख हेक्टेयर रह गया।उदाहरण के लिए प्रदेश सरकार के अधिकारी ने कहा कि कर्नाटक में खाद्यान्न उत्पादन करीब 25 प्रतिशत घटकर इस वर्ष 75 लाख टन रह सकता है।कर्नाटक प्रदेश प्रगति आपदा निगरानी केन्द्र के निदेशक जी एस श्रीनिवास रेड्डी ने पीटीआई.भाषा को बताया, जून और जुलाई के महत्वपूर्ण महीने में बरसात की कमी के कारण बुवाई नहीं की जा सकी। इसलिए खरीफ फसलों के तहत अधिक रकबे को अपने दायरे में नहीं लाया जा सका। हमें खरीफ उत्पादन में 25 प्रतिशत गिरावट का अनुमान है।असम, बिहार, गुजरात और राजस्थान में बाढ़ देखने को मिली जबकि कर्नाटक, छाीसगढ़ और तमिलनाडु के कुछ हिस्सो में सूखा पड़ा।इस साल के आरंभ में कृषि सचिव एस के पटनायक ने कहा था कि खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून कुछ हिस्सों को छोड़कर लगभग सामान्य रहा है। उन्होंने कहा कि कम बरसात का साक्षात्कार करने वाले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और प्रायद्वीपीय भारत में स्थिति पिछले दो सप्ताह में सुधरी है।

गोवा एयरपोर्ट पर आयशा टाकिया और उनके पति के साथ हुई बदसलूकी, एक्ट्रेस के पति ने लगाए बड़े आरोप

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपPM मोदी का प्राइवेट सेक्रेटरी बताकर ठगी का मामला, दिल्ली पुलिस कर रही जांच****** दिल्ली पुलिस ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय () में कथित तौर पर तैनात एक अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति के बारे में मिली शिकायत के आधार पर जांच शुरू की है। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने ट्विटर पर कथित धोखेबाज और अधिकारी के बीच ईमेल का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रधानमंत्री कार्यालय में एक पदाधिकारी के खिलाफ जालसाजी, नकली वेश धारण करने और पहचान छुपाने की शिकायत मिली है। मामले की जांच चल रही है।’’यह मामला इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता कुनाल मर्चेंट का है, जिन्होंने दावा किया कि उन्हें पीएमओ में तैनात विवेक कुमार से एक ईमेल मिला जिसमें उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तेमाल के लिए खासतौर से एक मेज का डिजाइन बनाने को कहा गया है।खुद को पीएम मोदी का प्राइवेट सेकेट्री बताकर फ़्रॉड करने की कोशिश करने वाले शख्स की पहचान और गिरफ्तारी का काम दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट को दिया गया है। असल में खुद को विकास कुमार पीएम का प्राइवेट सेकेट्ररी बताकर इस शख्स ने की मेल से कुनाल मर्चेंट नाम के शख्स को मेल करके लिखा कि उसका काम पीएम को पसंद आया और पीएम चाहते है कि एक एग्जिक्यूटिव टेबल जिसका इस्तेमाल वो खुद करेंगे, ये डेस्क ये बनाए।पीएमओ दफ्तर से पुलिस को ये जानकारी दी गई कि पीएम दफ्तर से ऐसा कोई मेल नहीं किया गया है। दिल्ली पुलिस कमिशनर ने खुद ट्विट करके इस शिकायत की जानकारी पब्लिक डोमेन में दी ताकि कोई ऐसी जालसाजी का शिकार न हो। मामला साइबर फ्रॉड का है इसलिए इसकी जांच आईएफएसओ यूनिट करेगी जिसके डीसीपी केपीएस मल्होत्रा है। अब जिस कुनाल मर्चेंट नाम के शख्स ने ये मेल रिसीव किया है उसका इसमें क्या रोल है, इसे ही ये मेल क्यों आया है ये अभी जांच का विषय है।आपको बता दें कि कभी भी किसी सरकारी दफ्तर से किसी कंपनी कोई कॉन्ट्रेक्ट दिया जाता हैं तो उसका टेंडर निकाला जाता है, अखबार में विज्ञापन दिया जाता है। अगर किसी सरकारी अधिकारी या नेता के नाम पर आपको कोई मेल करके जानकारी दे तो समझ जाए ये फ़्रॉड हो सकता है ऐसे में इसकी जांच करें और साइबर सेल को इसकी जानकारी दे।

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपGold Rate: सोना में बड़ी गिरावट, 12730 रुपए हुआ सस्ता******Gold Rate: सोना में बड़ी गिरावट, 12730 रुपए हुआ सस्ता सोना खरीदने वालों के लिए बहुत अच्छी खबर है। आपके लिए सोना खरीदने का बहुत शानदार मौका है। सोने 12730 रुपए सस्ता हो गया है। यह गिरावट सात अगस्त 2020 से सोने के ऑलटाइम हाई भाव 57100 रुपए और आज के रेट में अंतर के बाद आई है। ऐसे में अगर आप सोना खरीदना चाहते है तो यह समय सोने की खरीदारी के लिए अच्छा हो सकता है। इसके अलावा बीते कई दिनों से उतार चढ़ाव देख रहे सोने की कीमतें शुक्रवार को स्थिर रहीं। 22 कैरेट सोने का मूल्य आज 43370 रुपये रुपये पर स्थिर रहा। जबकि 24 कैरेट सोने का रेट 44,370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। बता दें कि बीते साल अगस्त से 12000 रुपये सस्ते हो चुके सोने की कीमतें भारत में इस साल फरवरी के दौरान बढ़ गई। हालांकि, मार्च में सोने की दर में गिरावट देखी गई।नए वित्‍त वर्ष 2021-22 की शुरुआत सोने ने तेजी के साथ की है। सोने की अंतरराष्‍ट्रीय कीमतों में जोरदार उछाल आने की वजह से गुरुवार को राष्‍ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 881 रुपये उछलकर 44,701 रुपये प्रति दस ग्राम हो गई। इससे पहले कारोबारी सत्र में सोना 43,820 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी में भी आज बड़ी तेजी रही। चांदी का भाव 1071 रुपये बढ़कर 63,256 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। बुधवार को चांदी का बंद भाव 62,185 रुपये प्रति किलोग्राम था। अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में, सोना मजबूती के साथ 1719 डॉलर प्रति औंस और चांदी स्थिरिता के साथ 24.48 डॉलर प्रति औंस बोली गई।भारत भर के शहरों में सोने की कीमतें अलग-अलग हैं, अलग-अलग राज्य सरकारें पीली धातु पर कई कर लगाती हैं। तो, अगर आप आज दिल्ली में 22 कैरेट का सोना खरीद रहे हैं, तो आपको 43,800 रुपये देने होंगे। मुंबई में 22 कैरेट सोने का मूल्य 43,370 रुपये, कोलकाता में 44,290 रुपये, चेन्नई में 42,380 रुपये, बेंगलुरु में 41,650 रुपये और लखनऊ में 43,800 रुपये है।22 कैरेट श्रेणी की सोने की कीमत 24-कैरेट की पीली धातु से भिन्न होती है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 43,800 रुपये, मुंबई में 43,370 रुपये, चेन्नई में 42,380 रुपये, बेंगलुरु में 41,650 रुपये, कोलकाता में 44,290 रुपये और लखनऊ में 43,800 रुपये है।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपArticle 15 Box Office Collection: आयुष्मान खुराना की फिल्म पांचवे दिन भी रही बॉक्स ऑफिस पर हिट, कमाए इतने करोड़******जातिवाद के मुद्दे पर बनीं की फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर पकड़ बनाई हुई है। फिल्म ने पांचवे दिन भी अच्छा बिजनेस किया है। कम बजट में बनीं यह फिल्म लोगों को लुभाने में सफल हो रही है। फिल्म का पांचवे दिन का बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन सामने आ गया है।ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट करके आर्टिकल 15 के बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट किया- आर्टिकल 15 ने पांचवे दिन भी अच्छी पकड़ बनाई हुई है। मुंबई में भारी बारिश की वजह से भी बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन प्रभावित हुआ है। फिल्म ने पहले दिन 5.02 करोड़, दूसरे दिन 7.25 करोड़, तीसरे दिन 7.77 करोड़, चौथे दिन 3.97 करोड़ और पांचवे दिन 3.67 करोड़ की कमाई की है। फिल्म ने भारत में टोटल 27.68 करोड़ की कमाई कर ली है।कहब तो लाग जाई धक्क से' 'आर्टिकल 15' की शुरुआत इसी लोक गीत से होती है, इस गीत में अमीरी-गरीबी, उच्च वर्ग और निम्न वर्ग के बीच का जो अंतर है वो साफ बता पता चलता है और यह फिल्म इसी बारे में हैं। फिल्म की भाषा में कहें तो ये कहानी उन लोगों की है- जो कभी हरिजन बन जाते हैं, कभी बहुजन बन जाते हैं मगर जन नहीं बन पाते हैं। 'मुल्क' बनाने के बाद निर्देशक अनुभव सिन्हा राइटर गौरव सोलंकी के साथ एक और फिल्म लेकर आए हैं जिसका नाम है 'आर्टिकल 15'। इस फिल्म के जरिए निर्देशक ने आपको वो सच दिखाया है जिसे आप जानते हैं समझते हैं रोज देखते हैं लेकिन फिर भी नजरें फेरकर आगे बढ़ जाते हैं।

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपप्रियंका गांधी ने यूपी में 44,000 से ज्यादा प्रवासियों को घर पहुंचाने में की मदद****** उत्तर प्रदेश में 1,000 बसें मुहैया कराने का प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा खारिज कर दिए जाने के बावजूद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य के 44,000 से अधिक प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की। पार्टी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि प्रियंका गांधी ने देश के कई हिस्सों में फंसे लोगों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों, बसों और परिवहन के अन्य साधनों में सीटें हासिल करने में भी मदद सहायता की है और यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से बसों को प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए की गई अपील से काफी पहले ही शुरू कर दी गई थी।प्रियंका गांधी से जुड़े कांग्रेस के एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि पार्टी महासचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी एक मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू किए जाने से पहले और मई के मध्य में प्रदेश सरकार की ओर से बसों का परिचालन शुरू किए जाने से पहले ही लोगों की मदद कर रही हैं। सूत्र ने कहा कि जब लॉकडाउन को सबसे पहले 19 दिनों के लिए बढ़ाया गया, तभी से प्रियंका गांधी ने फंसे हुए प्रवासी कामगारों की मदद करना शुरू कर दिया था, क्योंकि प्रवासी मजदूरों के अपने बच्चों के साथ पैदल चलने की खबरें समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगी थीं।सूत्र ने कहा, "उनके हस्तक्षेप के कारण 44,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को अलग-अलग राज्य द्वारा उत्तर प्रदेश में मुहैया कराई गई बसों या श्रमिक स्पेशल ट्रेन द्वारा वापस भेजा गया।" सूत्र ने कहा, "फंसे हुए प्रवासी कामगारों की मदद करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रियंका ने पांच मई को 'उत्तर प्रदेश मित्र' हेल्पलाइन शुरू की।" सूत्र ने बताया कि हेल्पलाइन के माध्यम से 5.5 लाख से अधिक लोगों ने अपनी यात्रा के लिए पंजीकरण कराया, जबकि राज्यों की विभिन्न जिला इकाइयों से पांच लाख से अधिक अनुरोध प्राप्त हुए।सूत्र ने कहा कि सूची को विभिन्न राज्य इकाइयों के साथ उनकी यात्रा व्यवस्था के लिए साझा किया गया। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रियंका गांधी की टीम ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए भुगतान किया है, सूत्र ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता ने ट्रेनों को बुक नहीं कराया, लेकिन वह प्रवासी मजदूरों के उन अनुरोधों को आगे बढ़ाती रहीं, जो उनके कार्यालय में प्राप्त हुए थे। सूत्र ने कहा कि इसके बाद पार्टी की राज्य इकाइयों ने प्रवासी श्रमिकों के साथ समन्वय किया और बसों या श्रमिक स्पेशल ट्रेनों द्वारा उनकी वापसी की व्यवस्था की और कांग्रेस राज्य इकाइयों द्वारा राशि का भुगतान किया गया।कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवासियों की दुर्दशा को देखते हुए 4 मई को कहा था कि पार्टी उनके रेल टिकट का खर्च वहन करेगी। सूत्र ने कहा, "तभी से कांग्रेस की राज्य इकाइयों ने गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब राज्य सरकारों को 22 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के किराए के लिए भुगतान किया, जो उत्तर प्रदेश के लिए भेजी गई थीं। इसके साथ ही हमारे कार्यकर्ता यात्रियों की सूची के लिए समन्वय भी कर रहे थे।"मुंबई यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर ने बताया, "प्रियंका गांधी का कार्यालय मुंबई में फंसे हुए प्रवासी कामगारों की यात्रा और राशन व्यवस्था के अनुरोध को हमसे साझा करता है।" प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहे ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी के कार्यालय ने यह सुनिश्चित किया कि महाराष्ट्र कांग्रेस टीम के साथ साझा की गई सूची का ठीक से पालन किया गया और सभी को सहायता प्रदान की जा रही है।ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद कांग्रेस राज्य इकाई ने महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश के लिए 10,000-12,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों की यात्रा की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि इन श्रमिकों को ट्रेनों, बसों या अन्य छोटे वाहनों की मदद से उनके घरों तक पहुंचाने में मदद की गई।वहीं लुधियाना कांग्रेस अध्यक्ष अश्विनी कुमार शर्मा ने कहा, "प्रियंका गांधी के कार्यालय से किशोरी लाल शर्मा लुधियाना में फंसे लोगों और जिन्हें सहायता की आवश्यकता थी, उनकी सूची साझा करते रहे।" शर्मा ने कहा, "हमने एंबुलेंस की व्यवस्था की और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया, क्योंकि प्रियंका गांधी कार्यालय से इसका अनुरोध किया गया था।" शर्मा ने कहा कि प्रियंका गांधी ने प्रवासी कामगारों की यात्रा की व्यवस्था करने और राशन या किसी अन्य सहायता की आवश्यकता के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया।उन्होंने कहा, "हमें लुधियाना से हजारों लोगों का अनुरोध मिला, जो उप्र वापस जाना चाहते थे और फिर हमने सूची तैयार की और बसों, छोटी कारों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों द्वारा उनकी यात्रा की व्यवस्था की।" शर्मा ने कहा कि सोनिया गांधी के संदेश के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए 35 करोड़ रुपये के ट्रेन टिकट खरीदे।गुजरात के सूरत में कांग्रेस उपाध्यक्ष दीप नाइक ने कहा कि प्रियंका गांधी द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन लोगों से जुड़ने के लिए बहुत मददगार साबित हुई।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपFlash Back 2017: पिज्जा या बर्गर नहीं भारतीयों को 2017 में सबसे ज्यादा पसंद आई ये रेसिपी******इन शहरों के आधार पर ऑनलाइन बुकिंग खाना के जरिए पर किया गया। यहां के लोगों ने ऑनलाइन में सबसे ज्यादा चिकन बिरयानी खाना को पसंद किया है। इन्हें कोई पिज्जा या बर्गर पसंद नहीं आई।मुंबईदिल्ली-एनसीआरहैदराबादबेंगलुरुपुणेचेन्नई और कोलकाताइन शहरों को ऑनलाइन खाना मंगवाने के आधार पर किया है। स्विगी ने बताया कि इस वर्ष 3 दिसंबर को उसके वेबसाइट से सबसे ज्यादा खाना मंगवाया गया।

गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपथायराइड से बचाव करने में सहायक हैं ये 3 आयुर्वेदिक नुस्खे, इन फूड्स का भी करें सेवन******Highlightsगलत लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण होने वाली बीमारियों में थायराइड सबसे आम है। महिलाओं में ये बीमारी बहुत आम हो गई है। थायराइड, गर्दन के अंदर मौजूद तितली के आकार की ग्रंथि होती है जिसका काम हार्मोन बनाना होता है। शरीर में जिंक, आयोडीन और सेलेनियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने से ये बीमारी होती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा दवा लेने से हाई बीपी या लो बीपी की वजह से भी थायराइड हो सकता है। नींद कम आना, कमजोरी महसूस होना या जरूर से ज्यादा प्यास लगना इसके आम लक्षण हैं। कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, थायराइड से बचाव करने में सहायक होती हैं। आइए जानते हैं इसके फायदे और इस्तेमाल करने का सही तरीका।अश्वगंधा चूर्ण बाजार में आसानी से मिल जाता है। थायराइड पेशेंट इस दूध में मिलाकर पी सकते हैं। या इसके जड़ को पानी में उबालकर पी सकते हैं। इससे हार्मोन्स को बैलेंस रखने में मदद मिलती है।लंबे समय से कई बीमारियों का इलाज करने के लिए तुलसी का सेवन किया जाता रहा है। थायराइड में भी तुलसी काफी फायदेमंद होती है। इसके लिए आप 2 चम्मच तुलसी के रस में एलोवेरा का जूस मिलाकर पिएं। इससे आपको काफी राहत मिल सकती है।मुलेठी, थायराइड हार्मोन को नियंत्रित रखने के साथ ही थायराइड कैंसर से भी बचाता है। इसमें ऐसा एसिड होता है जो थायराइड कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है।नारियल का तेल स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा होता है। ये वजन घटाने से लेकर मधुमेह जैसी बीमारियों से भी निजात दिलाता है। थायराइड के मरीज खाने में नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।थायराइड पेशेंट के लिए लौकी एक अच्छा ऑप्शन है। खाली पेट लौकी का जूस पीने से कई दिक्कतें दूर हो सकती हैं। इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है।नियमित रूप से भोजन में थोड़ी मात्रा में काली मिर्च का सेवन करना लाभदायक हो सकता है। इसमें पिपराइन और एंटी-डिप्रेसेंट के गुण होते हैं जो टेंशन, डिप्रेशन को दूर रखने में सहायक हैं। साथ ही इसका सेवन करने से हड्डियों के दर्द को भी दूर किया जा सकता है।गोवाएयरपोर्टपरआयशाटाकियाऔरउनकेपतिकेसाथहुईबदसलूकीएक्ट्रेसकेपतिनेलगाएबड़ेआरोपRajat Sharma’s Blog: क्या KCR सचमुच अंधविश्वास और परिवारवाद में यकीन रखते हैं?******तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) को टोना-टोटका और '6' नंबर को लकी मानने के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने ज्योतिषी की सलाह पर पिछले 5 साल से राज्य के सचिवालय में कदम नहीं रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए KCR पर परिवारवाद की राजनीति करने और अंधविश्वास के आधार पर फैसले लेने के लिए निशाना साधा।मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के बाद से सचिवालय नहीं गए हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इस भवन का वास्तु उनके लिए ठीक नहीं है। उन्होंने 2016 में 50 करोड़ की लागत से घर पर ही एक वास्तुसम्मत कार्यालय बनवाया। उन्होंने सचिवालय में कभी कदम नहीं रखा जबकि उनके मंत्री और नौकरशाह वहीं से काम करते हैं। उन्होंने बेगमपेट में अपने कैंप ऑफिस की मरम्मत कराई और इसे 5 मंजिल ऊंचा और 6 ब्लॉक्स तक बढ़ा दिया। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, KCR का मानना है कि ‘शासक को ऐसी जगह से काम करना चाहिए जो दूसरों की तुलना में ज्यादा ऊंचाई पर हो।’KCR ने एक नया सचिवालय बनवाने की कोशिश की लेकिन उन्हें जनता का विरोध झेलना पड़ा। वह नए सचिवालय के निर्माण के लिए सेना की जमीन का अधिग्रहण करना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने पूरे सचिवालय को वास्तुसम्मत बनाने के लिए उसकी मरम्मत करवानी शुरू कर दी। पिछले 5 साल से KCR सचिवालय की बजाय अपने सरकारी आवास से काम कर रहे हैं।लोगों को लगता है कि चंद्रशेखर राव 6 को अपने लिए लकी अंक मानते हैं, इसीलिए उनके काफिले में जितनी गाड़ियां होती हैं, उनका नंबर या तो 6 है या सभी अंकों का जोड़ 6 है। चंद्रशेखर राव कोई भी काम मुहूर्त देखे बिना नहीं करते। मुहूर्त में भी इस बात का ख्याल रखा जाता है कि टाइम ऐसा हो, जिसका जोड़ 6 हो। जब वह पहली बार CM बने तो उन्होंने दोपहर 12:57 मिनट पर शपथ ली, जिसके अंकों का जोड़ 6 होता है। एक बार वह महबूब नगर जिला गए तो वहां 51 बकरों की बलि चढ़ाई गई। लोगों का दावा है कि 51 बकरों की बलि इसीलिए चढ़ाई गई क्योंकि इसका जोड़ भी 6 होता है। चंद्रशेखर राव जो कमेटियां बनाते हैं, उनके सदस्यों की संख्या भी इस तरह रखते हैं जिसके अंकों का जोड़ 6 हो। शायद यही वजह है कि उन्होंने किसानों के लिए जो को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाई उसमें 15 सदस्य रखे। उनकी पार्टी की जिला समिति में 24 सदस्य हैं, राज्य स्तरीय समिति में 42 सदस्य हैं और इन सबका जोड़ 6 है।तेलंगाना के सियासी जानकारों के मुताबिक, KCR हैदराबाद की मशहूर हुसैन सागर झील कभी नहीं जाते, क्योंकि कहा जाता है कि हुसैन सागर झील जाने के बाद ही एनटी रामाराव से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की गद्दी छिन गई थी।अपनी जनसभा में KCR पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा, 'आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के इस युग में .. अभी भी, 21वीं सदी में भी, जो लोग अंधविश्वास के गुलाम बने हुए हैं, वो अपने अंधविश्वास में किसी का भी नुकसान कर सकते हैं। ये अंधविश्वासी लोग तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ कभी न्याय नहीं कर सकते। मुझे याद है जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था, तो वहां भी कुछ शहरों की पहचान बना दी गई थी कि उस शहर में कोई मुख्यमंत्री जा नहीं सकता है। अगर वहां जाएगा तो उसकी कुर्सी चली जाएगी। मैं डंके की चोट पर वहीं पर जाता था, बार-बार जाता था।' ने कहा- 'मैं विज्ञान …टेक्नोलॉजी में विश्वास करता हूं। मैं तो आज तेलंगाना की इस धरती से उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को भी बधाई देता हूं। वो तो संत परंपरा से हैं, सन्यासी परंपरा से हैं। उनके कपड़े और भेषभूषा देखकर के कोई भी बात मान लेगा। जब उनके सामने आया कि फलानी जगह पर नहीं जाना है, ढिकानी जगह पर नहीं जाना चाहिए। योगी जी ने कहा, मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, वे चले गए और दोबारा जीतकर मुख्यमंत्री बने।' मोदी ने कहा, 'अंधविश्वास को इस प्रकार से तवज्जो देने वाले लोग, उसके भविष्य को कभी संवार नहीं सकते हैं। ऐसे अंधविश्वासी लोगों से हमारे तेलंगाना को हमें बचाना है।.. अंधविश्वासी लोग कभी तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ न्याय नहीं कर सकते। कुछ लोग हैं जो अंधविश्वास पर भरोसा करते हुए कुछ जगहों पर नहीं जाते।'मोदी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘परिवारवाद और परिवारवादी पार्टियां, देश के लोकतंत्र और देश के युवा, दोनों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं। देश ने देखा है, तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि एक परिवार को समर्पित पार्टियां जब सत्ता में आती हैं तो कैसे उस परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार, उसका सबसे बड़ा चेहरा बन जाते हैं। तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि परिवारवादी पार्टियां किस तरह सिर्फ अपना विकास करती हैं, अपने परिवार के सदस्यों की तिजोरियां भरती हैं। इन परिवारवादी पार्टियों को गरीब के दर्द की, गरीब की तकलीफों की, न उनको कोई चिंता नहीं होती है, न परवाह होती है।’मोदी ने कहा, 'इनकी राजनीति सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि एक परिवार लगातार किसी भी तरह सत्ता पर कब्जा करके लूट सके तो लूटता रहे। इसके लिए, ये लोग समाज को बांटने की साजिशें रचतें हैं, जनता के विकास में उनकी कोई रूची नहीं होती है। पिछड़ेपन, समाज पीछे रहे उसी में उनका भला देखते हैं। परिवारवाद की वजह से देश के युवाओं को, देश की प्रतिभाओं को राजनीति में आने का अवसर भी नहीं मिलता। परिवारवाद उनके हर सपनों को कुचलता है, उनके लिए हर दरवाजे बंद करता है। इसलिए, आज 21वीं सदी के भारत के लिए परिवारवाद से मुक्ति, परिवारवादी पार्टियों से मुक्ति एक संकल्प भी है, और एक नैतिक आंदोलन भी है। जहां जहां परिवारवादी पार्टियां हटी हैं, वहां वहां विकास के रास्ते भी खुले हैं।'मोदी परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ पूरे अधिकार से बोल सकते हैं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति से दूर रखा है। लोग उनके भाइयों, भतीजों या अन्य करीबी रिश्तेदारों के नाम भी नहीं जानते हैं। न ही मोदी के रिश्तेदार उनके पद का कोई फायदा उठा सके। वंशवाद की राजनीति के मुद्दे पर कोई भी मोदी को नहीं घेर सकता। इसके उलट भारत में जितनी क्षेत्रीय पार्टियां हैं, वे ज्यादातर परिवारवाद की शिकार हैं। वे चाहें लालू प्रसाद यादव हों, मुलायम सिंह यादव हों, ओम प्रकाश चौटाला हों, प्रकाश सिंह बादल हों, एम करुणानिधि हों, एच डी देवेगौड़ा हों, उद्धव ठाकरे हों या डॉ फारूक अब्दुल्ला हों।KCR ने अपने परिवार के कई सदस्यों को विधायक, सांसद या मंत्री बनाया है। KCR खुद मुख्यमंत्री हैं, उनके बेटे KTR (के.टी.राम राव) तेलंगाना राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और अपने पिता के मंत्रिमंडल में ताकतवर मंत्री भी हैं। KCR की बेटी के. कविता सांसद थीं। वह पिछला चुनाव हार गईं, लेकिन उनके पिता ने उन्हें MLC बना दिया और उन्हें जल्द ही मंत्री भी बनाया जा सकता है। KCR के भतीजे टी. हरीश राव भी उनकी सरकार में मंत्री हैं। KCR के एक और भतीजे जोगिनापल्ली संतोष कुमार सांसद हैं। केसीआर ने उन्हें राज्यसभा में भेजा है। इसलिए उनके परिवार के 5 लोग तो अब महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। अब चर्चा यह है कि KCR अपने एक और भतीजे वामसी को सक्रिय राजनीति में लाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अंधविश्वास के चलते वामसी को राजनीति में ला रहे हैं। लोगों का कहना है कि KCR 6 नंबर को लकी मानते हैं, इसलिए वह '6' तक पहुंचने के लिए परिवार के एक और सदस्य को सियासत में लाना चाहते हैं।KCR कई बार पीएम नरेंद्र मोदी से सीधे तौर पर मिलने से बचने की कोशिश कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि ऐसा वह ज्योतिषियों की सलाह की वजह से कर रहे हैं। जब भी मोदी तेलंगाना के दौरे पर जाते हैं, तो KCR कोई न कोई बहाना बनाकर तेलंगाना से बाहर चले जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह ऐसी किसी भी मुलाकात को अपने लिए 'अनलकी' मानते हैं। जब मोदी इस साल फरवरी में 11वीं सदी के संत श्री रामानुजाचार्य की स्मृति में स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी के उद्घाटन के लिए तेलंगाना गए थे, तब KCR बीमारी की बात कहकर एयरपोर्ट पर पीएम का स्वागत करने नहीं पहुंचे थे। गुरुवार को जब मोदी हैदराबाद पहुंचे, KCR उससे 3 घंटे पहले ही एच. डी. देवेगौड़ा और उनके बेटे से मिलने बेंगलुरु के लिए रवाना हो चुके थे। वहां उनका कोई सरकारी काम भी नहीं था। KCR ने मोदी की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए बेंगलुरु में कहा, ‘भाषणबाजी और वादों के अलावा हकीकत क्या है। उद्योग बंद हो रहे हैं, जीडीपी नीचे जा रही है, महंगाई मुंह उठा रही है और रुपया बुरी तरह गिर गया है। आज कोई खुश नहीं है, चाहे किसान हों, दलित हों, आदिवासी हों। राष्ट्रीय स्तर पर जल्द ही बदलाव होगा। 2-3 महीने बाद आपको सनसनीखेज खबर मिलेगी।’आपने वीडियो में देखा होगा कि KCR जब एच. डी. देवगौड़ा और उनके बेटे की मौजूदगी में मीडिया से बात कर रहे थे तो उनकी बाजू पर एक चमकीला कपड़ा बंता हुआ था। मुझे इसके बारे में पता चला कि चंद्रशेखर राव जब भी किसी विशेष मिशन पर जाते हैं, या किसी जरूरी मीटिंग में जाते हैं तो इस तरह का बाजूबंद उनकी बांह पर होता है। यह बाजूबंद केसीआर की सरकार में होम मिनिस्टर महमूद अली उन्हें देते हैं। इस बाजूबंद को ‘इमाम-ए-ज़ामिन’ कहा जाता है। KCR को यकीन है कि ‘इमाम-ए-ज़ामिन’ उनकी रक्षा करता है और वह जिस काम से जाते हैं, वह पूरा हो जाता है।KCR केंद्र में जिस ‘बदलाव’ की बात कर रहे हैं उसके बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। KCR ने भविष्यवाणी की थी कि देवेगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनेंगे, औऱ वह बन भी गए। लेकिन उन्होंने यह भविष्यवाणी नहीं की थी कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कुमारस्वामी बार-बार रोएंगे, इसके बाद बगावत होगी और उनकी सरकार चली जाएगी। जबकि ऐसा ही हुआ था। KCR ने यह भी नहीं बताया कि उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह की बातें बोली थीं, देवगौड़ा और दूसरे नेताओं से मिलने के बाद मोदी को मात देने का ऐलान किया था। लेकिन क्या हुआ, पूरी दुनिया ने देखा।मोदी ने गुरुवार को हैदराबाद में जो भी कहा, साफ कहा: जो करना है कर लो, जितनी ताकत लगानी है लगा लो, जो टोने-टोटके करने हैं कर लो, लेकिन बीजेपी के उखाड़ नहीं पाओगे। बीजेपी ने पिछले 8 सालों में जनता के दिल में जगह बना ली है।

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2022-10-07 13:52
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दिल्ली सरकार ने 70 विधानसभा क्षेत्रों में ‘रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ’ अभियान की शुरुआत की******दिल्ली सरकार ने दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान सोमवार को सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में शुरू किया। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इंडिया गेट के पास राजपथ क्रॉसिंग से इस अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के बारे में गोपाल राय ने कहा, "प्रदूषण की समस्या सिर्फ आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार की नहीं, बल्कि सब की है, जो पार्टी और सरकार से ऊपर है।"उन्होंने सरकारों के साथ-साथ सभी जन प्रतिनिधियों और दिल्ली के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह सब की जिम्मेदारी है कि सभी प्रदूषण को कम करने में अपने हिस्से का योगदान दें।उन्होंने कहा, "ट्रैफिक सिग्नल्स पर एक वाहन करीब 15 से 20 मिनट तक रुकता है। उस दौरान वाहनों से धुआं निकलता है और वाहन का ईंधन भी जलता है। इस अभियान का उद्देश्य रेड लाइट पर खड़े वाहनों को बंद कर 15 से 20 प्रतिशत तक प्रदूषण को कम करना है।"दिल्ली सरकार 2 नवंबर से दिल्ली के सभी 272 वार्डो में इस अभियान को शुरू करने जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में अपनी भागीदारी दे सकें।आने वाले दिनों में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष और दिल्ली के अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ सभी विधायक भी इस अभियान में शामिल होंगे। दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान में शामिल होकर रेड लाइट पर अपने वाहनों को बंद करके अपनी हिस्सेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।पर्यावरण मंत्री राय ने सोमवार को सी हेक्सागन, राजपथ क्रॉसिंग पर 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, "दिल्ली के अंदर 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान आज से सभी 70 विधानसभाओं में शुरू हो रहा है। दिल्ली के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान से बड़ी तादाद में दिल्ली के लोग जुड़ रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है।"'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान 21 अक्टूबर से शुरू किया था। अब यह अभियान दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ शुरू हुआ है। 2 नवंबर से इस अभियान को दिल्ली के 272 वार्डो में लेकर जाया जाएगा, जिससे कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में हिस्सा ले सकें।दिल्ली सरकार का यह मानना है कि अगर प्रदूषण की समस्या दिल्ली के दो करोड़ लोगों की है, तो इसके समाधान के लिए सभी लोगों को आगे बढ़कर आना पड़ेगा। इसीलिए इस अभियान को आज से और तेज किया जा रहा है। इसके बाद 2 नवंबर से वार्ड स्तर पर इस अभियान को शुरू किया जाएगा।पर्यावरण मंत्री ने कहा, "वैज्ञानिक प्रदूषण का पूरा आकलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक दुनिया और भारत के अंदर वैज्ञानिकों का जो अध्ययन रहा है, उसके मुताबिक रेड लाइट पर 15 से 20 मिनट तक गाड़ी खड़ी होती है, इससे काफी वाहन प्रदूषण पैदा होता है। ऐसे में दिल्ली के अंदर एक गाड़ी को औसतन 15 से 20 मिनट तक चौराहों पर गुजारना पड़ता है। अगर इस दौरान गाड़ी चालू रहती है, तो 15 से 20 फीसदी वाहन प्रदूषण बेवजह होता है। अगर गाड़ी बंद की जाए, तो हम 15 से 20 फीसदी वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने में सफल होंगे।"'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान में भाजपा के सांसदों और विधायकों की भागीदारी न होने संबंधी मीडिया के सवालों का जवाब देनते हुए गोपाल राय ने कहा, "मैंने सभी विधायकों को भी फोन करवाया था, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है, लेकिन मुझे इस बात की उम्मीद है कि वे लोग अपने स्तर पर भी प्रदूषण कम करने को लेकर कार्य कर रहे होंगे। यह समस्या केवल आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार की नहीं, बल्कि सबकी है। इसलिए सभी लोग अपने अपने स्तर पर इसमें सहभागिता करते हैं, तो काफी हद तक सफलता मिलेगी।"
2022-10-07 13:14
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Ashes 2021-22: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे टेस्ट से पहले कोविड प्रोटोकॉल का स्तर बढ़ाया******क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के मुख्य कार्यकारी निक हॉकली ने मंगलवार को बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रोटोकॉल के स्तर को तीन से बढ़ाकर चार कर दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को एडिलेड ओवल में दूसरे एशेज टेस्ट से बाहर होना पड़ा था, क्योंकि वह एक कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए गए थे।हॉकली ने मंगलवार को सेन ब्रेकफास्ट को बताया, "इसलिए (बॉक्सिंग डे के लिए) हम अपने प्रोटोकॉल लेवल को 3 से बढ़ाकर 4 कर रहे हैं।"तीसरा टेस्ट मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में निर्धारित है, जबकि एशेज सीरीज का चौथा और पांचवां मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) और होबार्ट में खेला जाएगा।ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग राज्यों में कोविड-19 की स्थिति अलग-अलग तरह देखी जा रही है। शुरुआती एशेज टेस्ट ब्रिस्बेन में दोनों टीमें बिना किसी भय से खेली थी, उस समय एडिलेड (दक्षिण ऑस्ट्रेलिया) में जाने से पहले, यहां कोरोना से हालात खराब नहीं हुए थे।विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स की स्थिति को देखते हुए जहां प्रतिदिन औसतन हजारों कोरोना के मामले मिल रहे हैं। प्रोटोकॉल के स्तर में वृद्धि की गई है।हॉकली ने कहा, "पैट कमिंस की स्थिति से पहले भी प्रोटोकॉल के कई स्तर थे। मेलबर्न और सिडनी में ब्रिस्बेन और एडिलेड की तुलना में जोखिम के ज्यादा चांस है। इसलिए यहां प्रोटोकॉल के स्तर को बढ़ाया गया है।"
2022-10-07 13:13
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IND vs SA: आखिरी दो मैचों के लिए बदल जाएगी टीम इंडिया, कोचिंग स्टाफ में इन्हें मिलेगी जगह******Highlightsभारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया 0-2 से पीछे चल रही है। ऋषभ पंत की अगुआई में भारतीय टीम के लिए सीरीज के शुरूआती दो मैच बेहद निराशाजनक रहे हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया बेहद कमजोर नजर आई है। उसे सीरीज में बने रहने के लिए तीसरे मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। इस बीच आखिरी दो मैचों के लिए भारतीय कोचिंग स्टाफ में बड़े स्तर पर बदलाव भी देखने को मिलेंगे।मुख्य कोच राहुल द्रविड़ टीम के अन्य सीनियर सहयोगी सदस्यों के साथ इस सप्ताह के अंत में टेस्ट टीम के साथ इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे। ऐसे में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के कोच सीतांशु कोटक, साईराज बहुतुले और मुनीश बाली की तिकड़ी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेल रही टीम से पहले ही जुड़ गई है।बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, "सीनियर सहयोगी सदस्यों के इंग्लैंड दौरे पर रवाना होने के बाद बाली, कोटक और बहुतुले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आखिरी दो मैचों (राजकोट और बेंगलुरु) के दौरान राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे।"उन्होंने कहा, "वे पहले से ही सीमित ओवरों की टीम के साथ है और जब सीनियर सहयोगी सदस्य इंग्लैंड जाएंगे तो वे अपनी भूमिका के लिए तैयार रहेंगे।"राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के कोच सीतांशु कोटक, साईराज बहुतुले और मुनीश बाली इस महीने के आखिर में आयरलैंड के संक्षिप्त दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम के सहयोगी स्टाफ का हिस्सा होंगे, जिसकी अगुवाई पूर्व दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण करेंगे। कोटक पहले भी भारत ए टीम की प्रणाली का हिस्सा रह चुके है। वह बल्लेबाजी कोच होंगे, जबकि बाली और बहुतुले को क्रमश: क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी की जिम्मेदार सौंपी गई है। ये दोनों इस साल की शुरुआत में वेस्टइंडीज में भारत-19 टीम के विश्व कप अभियान का हिस्सा थे। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख लक्ष्मण आयरलैंड दौरे पर भारतीय टीम के मुख्य कोच होंगे। इस दौरे पर भारतीय टीम को 28 और 28 जून को दो मैच खेलने है।गौरतलब है कि आयरलैंड श्रृंखला के लिए टीम की घोषणा अभी नहीं हुई है लेकिन यह संक्षिप्त दौरा भारत के इंग्लैंड दौरे के साथ होगा। भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में 2-1 से आगे है और श्रृंखला का पांचवां मैच एक जुलाई से होगा। इस मैच से पहले टीम लीसेस्टरशर के खिलाफ 24 से 27 जून तक अभ्यास मैच खेलेगी। भारत आयरलैंड के खिलाफ मुख्य रूप से टी20 विशेषज्ञों की एक टीम उतारेगा, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर खेली जाने वाली सीमित ओवरों की श्रृंखला में मजबूत भारतीय टीम मैदान में उतरेगी। सात जुलाई से शुरू होने वाले इस श्रृंखला में तीन टेस्ट और इतने ही टी20 मैचों की श्रृंखला खेली जायेगी।
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