नई पोस्ट करें

आंखों के नीचे डार्क सर्कल को छूमंतर कर देगी रसोई की ये चीज, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

2022-10-07 13:25:54 514

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालApple ने ऑफिस से काम करने का जारी किया आदेश, कर्मचारियों ने इसके खिलाफ में शुरू किया अभियान****** के कर्मचारियों ने रिटर्न-टू-ऑफिस के आदेशों पर पलटवार किया है और एक अभियान शुरू किया है जिसमें कहा गया है कि फर्म ने घर से काम करने की उनकी क्षमता को सीमित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई है। की रिपोर्ट के अनुसार, ये अभियान सीईओ टिम कुक के सभी कर्मचारियों को दिए एक ज्ञापन के जवाब में है, जिन्होंने पिछले हफ्ते कहा था कि सितंबर से सप्ताह में कम से कम तीन दिन कर्मचारियों को कार्यालय में आना होगा।हालांकि, 'एप्पल टुगेदर' नाम से काम करने वाले कर्मचारियों के एक समूह ने कुक के आदेशों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया, जिसमें कहा गया है कि अधिक फ्लेक्सिबिलिटी से कंपनी के भीतर विविधता को बढ़ावा मिलेगा।इसमें कहा गया है, "हम मानते हैं कि एप्पल को एक अधिक विविध और सफल कंपनी बनाने के लिए फ्लेक्सिबल वर्क को प्रोत्साहित करना चाहिए, जहां हम एक साथ अलग सोचने के लिए सहज महसूस कर सकें।"इस समूह ने सोमवार को कुछ दिलचस्प सवाल ट्वीट किए और कंपनी में काम करने वाले दुनियाभर के कर्मचारियों को उस अभियान में शामिल होने को कहा गया। ट्वीट में लिखा था कि क्या आप ऑफिस में काम करने वाले एप्पल कर्मचारी हैं? क्या आप आरटीओ (रिटर्न टु ऑफिस) के आदेश से खुश नहीं हैं? इस पत्र पर हस्ताक्षर करें, आइए एक साथ खड़े हों।हालांकि गूगल और मेटा जैसी कंपनियों ने कर्मचारी को घर से काम करने की छुट दे रखी है। पहले भी घर से काम करने को कह रहा था। महामारी के दौरान से ही लोग घर से ही काम कर रहे थे। अब उन्हें ऑफिस आने को कहा जा रहा है।स्विगी में काम करने वाले कर्मचारी दुनिया के किसी भी स्थान से काम कर सकेंगे। ने अपने यहां काम करने वाले एंप्लॉय को परमानेंट करने की सुविधा देने का ऐलान किया है। अब स्विगी के किसी भी कर्मचारी को ऑफिससे जाकर काम करने की जरूरत नहीं होगी।

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालPost Office की शानदार इन्वेस्टमेंट स्कीम: महज 47 रुपये रोजाना बचाकर पाएं 35 लाख******Highlights भारत में जब भी सुरक्षित निवेश की बात होती है। जमीन या सोना में अपना पैसा निवेश करना लोग ज्यादा प्रीफर करते हैं। इसके पीछे की एकमात्र वजह है सिक्योरिटी। लेकिन हाल के दिनों में बाजार में सुरक्षित निवेश के बहुत सारे नए रास्ते खुले हैं। इनमें से एक पोस्ट ऑफिस की ग्राम सुरक्षा योजना (Gram Suraksha Scheme) है। इसमें अच्छा रिटर्न पाया जा सकता है। इस योजना में 19 साल से 55 साल के आयु के लोग निवेश कर सकते हैं। इसकी बीमा राशी दस हजार से लेकर दस लाख रुपये तक है। इसमें प्रीमियम तीन महीने, छह महीने और एक साल पर देने होते हैं। अगर किसी अवधि में आपसे पॉलिसी छुट जातीहै। तो बिना किसी परेशानी के आप वापस से उसे शुरु करा सकते हैं। उसके लिए आपको वापस से प्रीमियम देनाशुरु करना पड़ता है। ग्राहकों के पास तीस दिनों के अंदर प्रीमियम जमा करने की समय सीमा होती है। अगर आप चाहें तो तीनसाल बाद पॉलिसी बंद करने को कह सकते हैं।इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि अगर आप चार साल तक अपना प्रीमियम भरते हैं तो उसके बाद आप उस पॉलिसी के आधार पर बैंक से लोन उठा सकते हैं। अगर कोई ग्राहक 19 साल की उम्र में दस लाख की पॉलिसी खरीदता है तो 1515 रुपये हर महीने 55 साल की उम्र तक भरने होते हैं। अगर वह इसे 58 साल तक भरना चाहता है तो उसे प्रति महीने 1463 रुपये देने पड़ेंगे। वहीं साठ साल पर 1411 रुपये मंथली देने की योजना बनाई गई है।पॉलिसीहोल्डर को 55 साल में 31 लाख, 60 हजार रुपये, 58 साल में 33 लाख 40 हजार रुपये और 60 साल की उम्र में 34 लाख साठ हजार रुपये मिलेंगे. इसे और आसान भाषा में आपको बताया जाए तो आपने रोज 47 रुपये का निवेश किया जिसपर आपको 35 लाख रुपये का फायदा हुआ.आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालPresident Election: राष्ट्रपति चुनाव में किंगमेकर होंगी ये 3 पार्टियां? जानिए क्या है वोटों का समीकरण******Highlights 18 जुलाई को होने जा रहे के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी हो गई है। राष्ट्रपति पद के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सत्तापक्ष और विपक्ष सक्रिय हो गए हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खिलाफ एक संयुक्त उम्मीदवार उतारने पर आम सहमति बनाने के लिए बुधवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा बुलाई विपक्षी दलों की एक अहम बैठक में कम से कम 17 राजनीतिक दलों के नेता शरीक हुए। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मल्लिकार्जुन खड़गे को राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाने का जिम्मा दे रखा है। राष्ट्रपति चुनाव के शह-मात के खेल में असल किंगमेकर बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस और टीआरएस हैं।विपक्ष को एकजुट करने में लगी पश्चिम बंगाल की सीएम को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में हुई इस बैठक से कई विपक्षी दलों ने दूरी बना ली है। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी ममता की मीटिंग से किनारा कर लिया। ममता की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वाम दलों के नेता बैठक में शरीक हुए, जबकि AAP, तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) और बीजू जनता दल (BJD) इससे दूर रहें। शिवसेना, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भाकपा-एमएल, नेशनल कांफ्रेंस(नेकां), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडपी) जद(से), आरएसपी, आईयूएएमएल, राष्ट्रीय लोकदल और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता भी बैठक में शरीक हुए।यह बैठक, राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया जाना शुरू होने के दिन हुई है। एनसीपी के शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश और रणदीप सुरजेवाला, जनता दल (सेक्युलर) के एच डी देवगौड़ा और एस डी कुमार स्वामी, सपा के अखिलेश यादव, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, नेशनल कांफ्रेस के उमर अब्दुल्ला बैठक में शरीक हुए प्रमुख नेताओं में शामिल थे।राष्ट्रीय राजधानी के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई बैठक से आप, टीआरएस, बीजद के अलावा शिरोमणि अकाली दल ने दूरी बनाई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले हफ्ते सात मुख्यमंत्रियों सहित 19 दलों के नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी में एक बैठक में शामिल होने का न्योता दिया था, ताकि 18 जुलाई को होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के बीच एक संयुक्त उम्मीदवार पर आम सहमति बन सके। बैठक से एक दिन पहले, ममता और वाम दलों के नेताओं ने एनसीपी प्रमुख से उनके आवास पर अलग-अलग मुलाकात की थी, ताकि उन्हें शीर्ष संवैधानिक पद के लिए विपक्ष का साझा उम्मीदवार बनने के लिए मनाया जा सके।इस बीच ममता की बैठक को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान आया है। बैठक में नहीं बुलाए जाने से ओवैसी नाराज है हालांकि ओवैसी ने ये भी कहा कि अगर ममता बनर्जी उन्हें बैठक में बुलाती तो भी वो नहीं जाते क्योंकि उस मीटिंग में उन्होंने कांग्रेस को भी बुलाया है।राष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा, लोकसभा और विधानसभा के सदस्य वोट करते हैं। राज्यसभा में 233, लोकसभा में 543 और सभी राज्यों की विधानसभा में 4033 सीटें हैं तो कुल मिलाकर इनकी संख्या 4809 हुई। विधायक और सांसद के वोटों की वैल्यू अलग-अलग होती है। राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए मतदाताओं के वोट की कुल वैल्यू 10,86,431 है। इस तरह राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए आधे से एक वोट ज्यादा की जरूरत होगी, जिसके लिहाज से कम से कम 5,43,216 वोट चाहिए होंगे।राष्ट्रपति चुनाव में भले ही बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA का पलड़ा भारी हो, लेकिन अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए अन्य दलों के सहयोग की जरुरत होगी। बीजेपी और उसके सहयोगियों के पास कुल वोट का करीब 48 फीसदी वोट है। कुल वोट 10.86 लाख हैं तो उसमें बीजेपी प्लस के पास 5.26 लाख वोट हैं। बहुमत का आंकड़ा 5.43 लाख है।कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना, आरजेडी और एनसीपी के वोटों की वैल्यू 2.59 लाख है। इसके अलावा टीएमसी, सपा, AAP, केरल की लेफ्ट पार्टी, केसीरआर, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस सहित बाकी विपक्षी दलों के कुल वोट 292894 वोट हैं। सारे विपक्ष के वोट मिला दें तो 51 फीसदी से ज्यादा हो रहा है इस तरह से एनडीए से करीब 2 फीसदी वोट ज्यादा है, जिसके चलते विपक्षा साझा उम्मीदवार उतारने के लिए मशक्कत कर रहा है। इस सूरत में केसीआर, बीजेडी और वाईएसआर की भूमिका अहम होगी।बता दें कि 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को केसीआर की टीआरएस के साथ ही वाईएसआर कांग्रेस और बीजेडी का भी समर्थन मिला था। इस बार केसीआर विपक्षी दलों का गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं ऐसे में ये माना जा रहा है कि वे एनडीए का समर्थन नहीं करेंगे, लेकिन बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस ने अपने पत्ता नहीं खोले हैं। इस लिहाज से राष्ट्रपति चुनाव में ये दोनों ही दल किंगमेकर माने जा रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए बहुमत के आंकड़े से करीब 13,000 वोट दूर है ऐसे में फोकस वाईएसआर कांग्रेस बीजेडी पर आ गया है। अगर वाईएसआर कांग्रेस या बीजेडी का समर्थन एनडीए हासिल कर लेता है तो उम्‍मीदवार की जीत का रास्‍ता साफ हो जाएगा।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल को छूमंतर कर देगी रसोई की ये चीज, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालPM Modi govt 8 years: पीएम मोदी की पहल 'Make in India' ने बदली देश की दिशा, युवाओं में भी बढ़ा बिजनेस का क्रेज******Highlightsपीएम मोदी ने 25 सितंबर साल 2014 को मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस अभियान में अर्थव्यवस्था के 25 अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया था, जिसका मकसद ये था कि भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बने। मेक इन इंडिया के लिए बजट में साल 2019-20 में 651.58 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे, वहीं 2020-21 में 1281.97 करोड़ रुपए आवंटित हुए।मेक इन इंडिया कार्यक्रम (Make in India)एक ऐसी पहल है जो भारत को आयात (Import) करने की जगह निर्यात (Export) करने वाला देश बना रही है। ये देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए प्रभावी कदम है। इसका मुख्य फोकस 'निर्माण क्षेत्र' पर है और इसका लक्ष्य उद्यमशीलता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देना है।इस कार्यक्रम के तहत इनवेस्टमेंट के लिए सही माहौल बनाना, मॉर्डन और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना, विदेशी इंवेस्टमेंट के लिए नए क्षेत्रों को खोलना और सरकार-उद्योग के बीच एक साझेदारी क्रिएट करना है।कितना सफल रहा है मेक इन इंडियामोदी सरकार के मेक इन इंडिया प्रोग्राम (Make in India) से देश की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिली है। एक तरफ विदेशी निवेश को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ युवा मेक इन इंडिया के तहत व्यापार में अपना हाथ आजमा रहे हैं। इससे जिन प्रोडक्ट्स के लिए हम बाहरी ताकतों पर निर्भर थे, अब अपने ही देश में उत्पादन के रास्ते खोज रहे हैं।मेक इन इंडिया का सीधा लक्ष्य है कि उत्पादों को भारत में ही बनाया जाए। इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा और विदेशी निवेश भी हासिल होगा। क्योंकि जब हम अपने उत्पादों को विदेश में बेचेंगे तो हमें विदेशी आय मिलेगी और उससे देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ेगी।इस कार्यक्रम के तहत ईज ऑफ डुइंग बिजनेस को भी बढ़ावा मिला है। कई पुराने नियमों में बदलाव किया गया है और नए नियमों को इतना सरल बनाया गया है, जिससे आम आदमी उनको समझ सके।आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालMP News: तीन बेटियों के साथ पिता ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, जानें क्या है मामला******Highlights मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में पारिवारिक विवाद को लेकर 35 वर्षीय एक व्यक्ति ने बुधवार को अपनी तीन नाबालिग बेटियों के साथ चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना उज्जैन जिले के नई खेड़ी रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 9.20 बजे हुई।शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) की पुलिस अधीक्षक (SP) निवेदिता गुप्ता ने कहा कि रवि पांचाल अपनी बेटियों 12 वर्षी अनन्या, 8 वर्षीय आराध्या और 7 वर्षीय अनुष्का के साथ नागदा से उज्जैन आ रही एक मालगाड़ी के आगे कूद गए। गुप्ता ने बताया कि मृतक गोयला बुजुर्ग गांव का रहने वाला था और दोपहिया वाहन से मौके पर पहुंचा था।एसपी ने कहा कि पांचाल की ओर से लिखे गए सुसाइड नोट में कहा गया है कि पारिवारिक विवाद के कारण उसने यह कदम उठाया और परिवार के कुछ सदस्यों के नामों का भी उसने जिक्र किया है। भैरवगढ़ थाना प्रभारी प्रवीण पाठक ने कहा कि पांचाल के परिवार वालों ने आशंका जताई कि एक महिला की ओर से प्रताड़ित करने के कारण उसने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया, आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।बीते दिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में एक महिला ने पति के साथ विवाद होने पर अपनी दो बच्चियों को फांसी पर लटकाने के बाद खुद भी फांसी लगा ली। पुलिस क्षेत्राधिकारी संजीव कुमार दीक्षित ने बताया कि खरखौदा थाना क्षेत्र के खरखौदा गांव से करीब एक किलोमीटर दूर एक पेड़ पर एक महिला और दो बच्चियों के शव मंगलवार को फांसी से लटकते मिले।आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालदिवाली पर आम्रपाली घर खरीदारों को मिलेगा तोहफा, NBCC 150 फ्लैट मालिकों को देगी कब्‍जा******Amrapali home buyers get 150 flats on Diwali 2021सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे आम्रपाली परियोजनाओं के घर खरीदारों के लिए दिवाली से पहले अच्‍छी खबर आई है। एनबीसीसी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि वह आम्रपाली की फंसी परियोजनाओं में 150 फ्लैट का काम पूरा कर चुकी है और दिवाली पर फ्लैट मालिकों को उनके फ्लैट सौंप दिए जाएंगे। एनबीसीसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आम्रपाली के ग्रेटर नोएडा स्थित एक प्रोजेक्‍ट के 150 फ्लैट मालिकों को दि‍वाली के दिन आयोजित एक समारोह में पजेशन लेटर सौंपे जाएंगे। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह पहली बार होगा जब 150 घर मालिकों को एक साथ पजेशन लेटर सौंपे जाएंगे। जस्टिस यूयू ललित और अजय रस्‍तोगी की बेंच ने एनबीसीसी के काम की तारीफ की। कोर्ट रिसीवर वरिष्‍ठ वकील आर. वेंकटरमणि ने बेंच को बताया कि में 300 फ्लैट का काम पूरा होने के करीब है और इनमें से 150 फ्लैट का काम एनबीसीसी ने पूरा कर लिया है और अब इनका कब्‍जा दिया जाएगा। आर. वेंकटरमणि ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और यूको बैंक आम्रपाली परियोजनाओं में 450 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन अन्य बैंक, जो एक संघ का हिस्सा थे, प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता और अदालत द्वारा नियुक्त रिसीवर आर. वेंकटरमणि ने कहा कि छह बैंक सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं, लेकिन करीब दो महीने से चीजें वांछित दिशा में नहीं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शीर्ष अदालत से थोड़ा धक्का-मुक्की करने की जरूरत है।3 सितंबर को, रिसीवर ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसने छह बैंकों के एक संघ- एसबीआई, यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक- के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। रिसीवर ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि एसबीआई और यूको बैंक को छोड़कर, शेष चार बैंकों में से कोई भी आम्रपाली परियोजनाओं के वित्तपोषण पर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं लाया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।शीर्ष अदालत ने बैंकों से दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने और उसके समक्ष प्रस्ताव दाखिल करने को कहा। सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि बैंकों को इस मुद्दे पर और विचार करना है, तो एमडी स्तर के एक अधिकारी को एक ठोस प्रस्ताव विकसित करने के लिए रिसीवर के साथ एक बैठक बुलानी चाहिए।कुछ घर खरीदारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील कुमार मिहिर ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है कि एसबीआई और यूको बैंक आम्रपाली परियोजनाओं के निर्माण में 450 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए हैं, और उम्मीद है कि अन्य बैंक भी उनके कदमों का पालन करेंगे।सुप्रीम कोर्ट ने भी उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर आम्रपाली फ्लैट खरीदारों से रजिस्ट्री के समय वसूले जा रहे स्टांप शुल्क पर स्पष्टीकरण मांगा है। रिसीवर ने पिछले महीने शीर्ष अदालत को सूचित किया था कि कंसोर्टियम रुकी हुई आम्रपाली परियोजनाओं को निधि देने के लिए सहमत हो गया था और बैंक अधिकारियों ने कहा था कि प्रक्रिया के संबंध में दस्तावेज महीने के दौरान शुरू हो जाएगा और ऋण के वितरण की उम्मीद की जानी चाहिए।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल को छूमंतर कर देगी रसोई की ये चीज, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालमध्य प्रदेश: पिछले एक सप्ताह में कर्ज से परेशान होकर 6 किसानों ने की आत्महत्या****** में बीते एक सप्ताह में 6 किसानों ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। नेता इन की वजह फसल खरीद में देरी और समय पर भुगतान नहीं होने को बता रहे हैं। राज्य में बुधवार को नरसिंहपुर जिले के सुआताल थाना क्षेत्र के गुड़वारा गांव में मथुरा प्रसाद (40) ने कर्ज से परेशान होकर दे दी। मथुरा प्रसाद पर लगभग 2.5 लाख रुपये का कर्ज था, जिसे वह चुकाने में असमर्थ था और उसने जहरीला पदार्थ पीकर जान दे दी।इसी तरह राजगढ़ के खानपुरा थाना क्षेत्र के बोड़ा गांव में बंशीलाल अहिरवार (80) ने फांसी के फंदे से लटककर जान दे दी। बुधवार को बंशीलाल ने आत्महत्या की। इसी तरह बुरहानपुर में एक किसान ने कर्ज चुकाने के एवज में अपने बेटे को गिरवी रखा और जब वह कर्ज चुकाकर बच्चे को नहीं छुड़ा पाया तो उसने आत्महत्या कर ली। धार के बदनावर में भी एक किसान जगदीश (40) ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उज्जैन के कडोदिया में किसान राधेश्याम और रतलाम में एक किसान ने जान दी है।आम किसान यूनियन के केदार सिरोही का कहना है कि राज्य में 7 दिन में 6 किसानों की आत्महत्या करने से साफ है कि किसान परेशान है और सरकार उसकी मदद नहीं कर रही है। वह आगे कहते हैं कि किसान कई दिनों तक मंडी में उपज लिए खड़े रहते हैं और खरीद नहीं होती। यदि खरीद हो जाए तो भुगतान में कई सप्ताह लग जाते हैं। सिरोही के अनुसार, एक तरफ किसान की उपज कम हुई है तो वहीं उस पर कर्ज बढ़ा है। किसान पर सहकारी समितियों से लेकर साहूकारों तक का दवाब है। किसान ने कर्ज लेकर बेटी की शादी की है तो किसी ने दूसरे सामाजिक काम निपटाए हैं।आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालHSSC Clerk Result 2019: जल्द घोषित होंगे हरियाणा एचएसएससी क्लर्क के नतीजे, यहां से कर पाएंगे चेक****** हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (HSSC) क्लर्क एग्जाम के लिए गलत प्रश्नों पर ऑब्जेक्शन दर्ज करने की आखिरी तारीख खत्म हो गई है। हरियाणा एचएसएससी क्लर्क एग्जाम आंसर की ऑफिशियल वेबसाइट hssc.gov.in पर 11 अक्टूबर को जारी की गई थी। जबकि गलत प्रश्नों पर ऑब्जेक्शन दर्ज कराने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर थी। हरियाणा एचएसएससी क्लर्क एग्जाम के गलत प्रश्नों पर ऑब्जेक्शन दर्ज करने के बाद आयोग इस समय रिजल्ट घोषित करने की तैयारियों में जुट गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो हरियाणा एचएसएससी क्लर्क रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर जल्द जारी किया जा सकता है।हरियाणा एचएसएससी क्लर्क रिजल्ट जारी होने के बाद बाद अभ्यर्थी आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकेंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो हरियाणा एचएसएससी क्लर्क रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर अक्टूबर के पहले सप्ताह में जारी किया जा सकता है। हालांकि आयोग की तरफ से अभी तक रिजल्ट को लेकर कोई अपडेट नहीं जारी किया गया है।हरियाणा एचएसएससी क्लर्क एग्जाम तीन शिफ्टों में 21, 22 और 23 सितंबर को आयोजित किया गया था। हरियाणा एचएसएससी क्लर्क की परीक्षा में विभिन्न परीक्षा केंद्रों से लाखों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

आंखों के नीचे डार्क सर्कल को छूमंतर कर देगी रसोई की ये चीज, जानिए कैसे करें इस्तेमाल

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालHome Remedies : तुलसी की पत्त‍ियों के सेवन से कंट्रोल करें डायबिटीज, तुरंत दिखेगा असर******Highlights : डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, इसे हल्के में लेने की भूल कभी ना करें। डायबिटीज का रोग से कितनी परेशानियां होती हैं यह वही समझ सकता है, जो खुद इस बीमारी से गुजर रहा हो। डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है। जिसे पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे आप कंट्रोल करके काबू में रख सकते हैं। जिसके लिए आपको अपने खान-पान का खास ख्याल रखना होगा।वहीं डायबिटीज को काबू में करने के लिए आप घरेलू नुस्खों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। घर में पाई जाने वाली कुछ चीज़ों से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है।धार्मिक रूप से तुलसी के पौधे को काफी पवित्र माना जाता है। घर में या फिर आंगन में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी के पौधे का जितना महत्व धार्मिक रूप से है, उतना ही आयुर्वेद में भी है। तुलसी को औषधीय पौधा माना जाता है । जिसके सेवन से आप कई तरह की गंभीर बीमारी से लड़ सकते हैं। तुलसी में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो पेट से संबंधित परेशानियां जैसे पाचन में परेशानी, पेट में जलन व एसिडिटी टाइप की दिक्कतों को दूर करने में मदद करती है।इसके अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पैंक्रियाटिक बीटा सेल्स को इंसुलिन के प्रति सक्रिय बनाती हैं। सुबह उठकर खाली पेट दो से तीन तुलसी की पत्ती चबाएं। आप चाहें तो तुलसी का रस भी पी सकते हैं। ऐसा करने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है।

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालNPPA ने तय किए एसिडिटी की दवा के दाम, 6 जरुरी दवाइयों की कीमतों में किया संशोधन******दवा मूल्य नियामक एनपीपीए (NPPA ) ने छह आवश्यक दवाओं के दाम में संशोधन किया है। साथ ही, एक दवा का मूल्य तय कर दिया है।आपको बता दें कि हाल मेंसिप्‍ला, एबॉट, एस्‍ट्राजेनेका और डॉ. रेड्डीज समेत कई बड़ी कंपनियों द्वारा उत्‍पादित 634 दवाओं के दाम NPPA द्वारा तय सीमा से अधिक रखे जाने का संदेह जताया था।NPPA ने डाइक्लोमाइन इनजेक्शन, एरिथ्रोमायसिन एस्टोलेट, क्लोरोकाइन फॉस्फेट और उनकी कई संबंधित दवाओं के दाम संशोधित किए हैं।इसके अलावा उसने पी-पीपीआईएल कैप्सूल का दाम भी तय कर दिया है जो अम्लता :एसिडिटी: के इलाज में इस्तेमाल में लाया जाता है। दवा मूल्य नियंत्रण, संशोधन आदेश, 2016 के तहत पहली-अनुसूची में सात अनुसूचित फार्मूलेशन के अधिकतममूल्य खुदरा मूल्य के दाम तय किये हैं या संशोधित किये हैं। दवा (मूल्य नियंत्रण) आदेश 2013 के तहत एनपीपीए पहली अनुसूची में शामिल आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य तय करता है।एनपीपीए ने हाल में दवा कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि कंपनियां दस स्टेंट की खरीद पर तीन मुफ्त स्टेंट देने जैसी बिक्री पेशकश रख रही हैं। उसने यह भी पाया कि कुछ कंपनियां कम कीमत के स्टेंट को उंची कीमत पर भी बेच रही हैं।नियामक ने कहा है कि वह ऐसे मामलों की जांच कर रहा है और इन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालदिल्ली विधानसभा के लिए 22 वर्षो में सिर्फ 31 महिलाएं चुनी गईं****** साल 1993 में दिल्ली विधानसभा के पहले चुनाव के बाद से कुल 31 महिलाएं इस विधानसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं, जिनमें 22 साल की अवधि में 2015 तक कांग्रेस से सबसे ज्यादा 20 विधायक हैं। पहली और दूसरी विधानसभाओं में, क्रमश: 1993 और 1998 में, सदन में इन दोनों वर्षो के कार्यकाल में भाजपा की एक महिला सदस्य थी, जबकि उस अवधि के बाद पार्टी की कोई और महिला उम्मीदवार नहीं चुनी गई।1993 में दिल्ली की पहली विधानसभा में सदन के लिए तीन महिलाएं चुनी गईं, जबकि उनमें से दो कांग्रेस से और एक भाजपा से थीं। कांग्रेस की दो महिला विधायक कृष्णा तीरथ व ताजदार बाबर और भाजपा से पूर्णिमा सेठी थीं। कृष्णा को कांग्रेस ने पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र से 2020 के विधानसभा चुनाव में फिर से मैदान में उतारा है।वर्ष 1998 में जब पहली बार दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं, सदन में सबसे ज्यादा महिलाएं चुनी गई थीं। उस बार नौ महिलाएं चुनाव जीती थीं, जिनमें से आठ कांग्रेस से और एक भाजपा से थीं जो हौज खास से चुनी गई थीं। यह एक ऐतिहासिक वर्ष था, क्योंकि इसके बाद से आज तक कोई भी महिला भाजपा नेता सदन के लिए नहीं चुनी गई हैं। वर्ष 1998 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विधानसभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में थोड़े समय के लिए काम करने के बाद भाजपा की सुषमा स्वराज सदन के लिए चुनी गई थीं।शीला दीक्षित दिल्ली की दूसरी महिला मुख्यमंत्री बनीं। शीला और सुषमा के अलावा कांग्रेस की सात अन्य चुनी गई महिलाओं में ताजदार बाबर, किरण चौधरी, सुशीला देवी, अंजलि राय, दर्शना, कृष्णा तीरथ और मीरा भारद्वाज शामिल हैं। साल 2019 में शीला और सुषमा दोनों का निधन एक महीने के भीतर हो गया।साल 2003 में, दिल्ली की तीसरी विधानसभा के लिए सात महिलाएं (सभी कांग्रेस से) चुनी गईं। जबकि ताजदार बाबर, कृष्णा तीरथ, अंजलि राय और शीला दीक्षित को फिर से निर्वाचित हुईं, सदन के लिए चुनी गई अन्य तीन महिलाएं किरण वालिया, बरखा सिंह और मीरा भारद्वाज थीं। साल 2008 में, जब राष्ट्रीय राजधानी में चौथा विधानसभा चुनाव हुआ, तो कांग्रेस की तीन नेता शीला दीक्षित, किरण वालिया और बरखा सिंह फिर से विधायक बनीं।साल 2012 में आम आदमी पार्टी (आप) के गठन के बाद दिल्ली की राजनीतिक तस्वीर बदल गई। शहर में 2013 में हुए चुनाव में सदन के लिए तीन महिलाएं वीणा आनंद, राखी बिड़लान और वंदना कुमारी चुनी गईं। इस बार, सभी आप से थीं। 2013 में, किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और इसलिए, आप और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई जो मात्र 49 दिनों तक चली।अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने 49 दिनों के बाद इस्तीफा दे दिया। शहर में 2015 में फिर से चुनाव हुए और इस बार आप को 70 में से 67 सीटें मिलीं। सदन के लिए छह महिलाएं चुनी गईं और सभी आप से थीं। जहां राखी बिड़ला और वंदना कुमारी को फिर से चुना गया, वहीं अलका लांबा, भावना गौड़, प्रमिला टोकस और सरिता सिंह को भी सदन के लिए चुना गया।साल 2019 में कांग्रेस में जाने के बाद अलका लांबा को विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में, वह चांदनी चौक से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। चुनाव परिणाम 11 फरवरी को आएगा।दिल्ली की छठी विधानसभा तक, सदन के लिए कुल 31 महिलाएं चुनी गई थीं, जिनमें कांग्रेस की 20 महिलाएं, आप की 9 और भाजपा की दो थीं। दिल्ली विधानसभा के लिए अब तक कोई भी निर्दलीय महिला उम्मीदवार बतौर विधायक नहीं चुनी गई है। 2020 के विधानसभा चुनाव में, कुल 79 महिलाएं अपनी किस्मत आजमा रही हैं, जिनमें से 24 कांग्रेस, भाजपा और आप की हैं।

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालPBKS vs RCB : पंजाब ने जीता मैच, बेंगलोर की बहुत बड़ी हार, जानिए पूरे मैच का हाल******आईपीएल 2022 में आज आरसीबी को पंजाब किंग्स के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार से जहां एक ओर आरसीबी के लिए प्लेऑफ में जाने की राह और कठिन हो गई है, वहीं पंजाब किंग्स इस जीत के साथ ही प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है। पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में नौ विकेट के नुकसान पर 209 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था और आरसीबी के सामने जीत के लिए 210 रनों का लक्ष्य रखा। लेकिन आरसीबी की टीम 20 ओवर में नौ विकेट पर 155 रन ही बना सकी और मैच 54 रन से हार गई। इस जीत के साथ पंजाब की टीम अब प्वाइंट्स टेबल में छठे नंबर पर पहुंच गई है, वहीं आरसीबी अब चौथे नंबर पर है।पंजाब किंग्स की ओर से दिए गए बहुत बड़े स्कोर का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत तो अच्छी रही। टीम ने तीन ही ओवर में 30 पूरे कर लिए थे, लेकिन तभी पूर्व कप्तान विराट कोहली उस वक्त आउट हो गए, जब टीम का स्कोर 33 रन ही था। विराट कोहली ने 14 गेंद पर 20 रन की छोटी सी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने एक छक्का और दो चौके लगाए। इसके कुछ ही देर बाद कप्तान फॉफ डुप्लेसी भी आउट हो गए। डुप्लेसी केवल दस ही रन बना पाए। टीम का स्कोर जब 40 रन था, तभी महिपाल लेमरोर भी आउट हो गए। हालांकि इसके बाद ग्लेन मैक्सवेल और रजत पाटीदार ने साझेदारी कर टीम को संकट से उबारने की कोशिश भी की। इन दोनों ने मिलकर 50 से ज्यादा रन जोड़े भी, लेकिन जब टीम का स्कोर 104 रन था, तभी रजत पाटीदार 26 रन बनाकर चलते बने। इसी स्कोर पर उनके जोड़ीदार ग्लेन मैक्सवेल भी आउट हो गए। मैक्सवेल ने 22 गेंद पर 35 रन बनाए। इसके बाद सारी उम्मीदें दिनेश कार्तिक पर थीं। लेकिन टीम भी 120 तक ही पहुंच पाई थी, तभी दिनेश कार्तिक 11 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद आरसीबी की हार लगभग पक्की हो गई थी। इसके बाद भी लगातार आरसीबी के विकेट गिरते रहे और टीम को एक और हार का सामना करना पड़ा।इससे पहले लियाम लिविंगस्टोन के 70 रन और जॉनी बेयरस्टो के 66 रन की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की बदौलत पीबीकेएस ने आरसीबी को 210 रनों का लक्ष्य दिया। पंजाब ने 20 ओवरों में नौ विकेट खोकर 209 रन बनाए थे। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब की शुरुआत धमाकेदार रही, क्योंकि उन्होंने ने पावरप्ले में एक विकेट खोकर 83 रन जोड़े। इस दौरान सलामी बल्लेबाज शिखर धवन 21 रन बनाकर ग्लेन मैक्सवेल के शिकार बन गए। इसके बाद, भानुका राजपक्षे भी एक रन बनाकर जल्द ही चलते बने। इस बीच सलामी बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए आईपीएल का सबसे तेज 21 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।चौथे नंबर पर आए लियाम लिविंगस्टोन ने रन बनाने में संघर्ष करते दिखाई दिए। इस बीच 10वें ओवर में शाहबाज की गेंद पर बेयरस्टो चार चौके और सात छक्कों की मदद से 29 गेंदों में 66 रन बनाकर मोहम्मद सिराज के हाथों कैच आउट हो गए, जिससे पंजाब ने 101 रनों पर अपना तीसरा विकेट खो दिया। पांचवें नंबर पर आए कप्तान मयंक अग्रवाल ने लिविंगस्टोन के साथ पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम के स्कोर को 14 ओवरों के बाद 150 के पार पहुंचा दिया। लेकिन 15वें ओवर में पटेल की गेंद पर कप्तान मयंक को 19 रन पर आउट कर दिया। इसके साथ ही उनके और लिविंगस्टोन के बीच 35 गेंदों में 51 रनों की साझेदारी का अंत हो गया, लेकिन जितेश को हसरंगा ने बोल्ड कर दिया। वहीं, दूसरे छोर पर लिविंगस्टोन अच्छी बल्लेबाजी करते दिखाई दिए। इसके बाद, हरप्रीत बरार ने पटेल की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर अगली गेंद पर आउट हो गए, जिससे बाद पंजाब ने 17.3 ओवर में छह विकेट गंवाकर 173 रन बनाए। इस बीच, ऋषि धवन और लिविंगस्टोन तेज गति से रन बनाए। वहीं, लिविंगस्टोन ने भी चौका मारकर 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालUP election: Rakesh Tikait ने India TV के Chunav Manch 2022 में कहा-1968 को आधार वर्ष मानकर फसलों के भाव तय कर दो******HighlightsUP election में Rakesh Tikait ने India TV के Chunav Manch 2022 में कहा कि फसल सरकार खरीदती है, चुनाव आयोग नहीं खरीदता। किसान के मुद्दों पर टिकैत बोले—1968 को आधार वर्ष मानकर फसलों के भाव तय कर दो। हमारा यही कहना है कि फसलों के वाजिब दाम सरकार दे दे। टिकैत ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को सरकार लागू कर दे, तो आज भी भाव गेहूं का 3 हजार रुपए क्विंटल हो जाएगा। उन्होंने आवारा मवेशियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं पर बेहतर ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। उसकी राशि सही तरीके से खर्च नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बाहर की कंपनियों को लाया जा रहा है इससे हमारा नुकसान होगा, मजदूर और मजबूर बन जाएंगे। इस पर सरकार बात नहीं करना चाह रही है। उन्होंने कहा कि किसान कानून आने वाली बीमारी थी। उसकी रोकथाम कर दी, बीमारी रुक गई। लेकिन किसानों की दूसरी परेशानियां कम नहीं हुई। योजनाएं सिर्फ कागजों में है। किसान के मुद्दे की बात करते—करते वे ताव में आ गए और कैमरा व कलम पर सरकार के पहरे की बात करने लगे।उन्होंने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और किसानों के कर्ज के मामले में उन्होंने कहा कि किसान हितैषी योजनाओं का वांछित फायदा नहीं मिल रहा है। एमएसपी गारंटी कानून दे दीजिए। गन्ने के मुद्दे पर टिकैत ने कहा कि गन्ने का रेट बढ़ाया नहीं, तो भुगतान कैसे ज्यादा हुआ। 14 दिन में गन्ने के रेट का भुगतान होता है। सही समय पर भुगतान करवाएं।

आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालYogi Adityanath oath ceremony: योगी सरकार 2.0 में कितने हो सकते हैं मंत्री? जानें कैसी होगी नए मंत्रिमंडल की पूरी तस्वीर******योगी आदित्यनाथ दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हाल ही में डिप्टी सीएम को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। योगी सरकार 2.0 में दो डिप्टी सीएम होंगे। यानी पिछली बार की तरह ही नए मंत्रिमंडल का ही ढांचा होगा। अब बात आती है कि योगी सरकार के मंत्रिमंडल में कितने मंत्री होंगे। सामने आई जानकारी के अनुसार, योगी सरकार में करीब 2 दर्जन कैबिनेट मंत्री हो सकते हैं। वहीं, करीब 12 लोगों को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिये जाने की खबरे हैं।इस मंत्रीमंडल में 10 से अधिक लोगों को राज्य मंत्री भी बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत के बाद योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। 25 मार्च को योगी आदित्यनाथ नीत सरकार का शपथ समारोह लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है।इस बाबत उत्तर प्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर राज्य में सरकार गठन को लेकर चर्चा की। इसी क्रम में आज भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की एक और बैठक है जिसमें विधायक दल औपचारिक रूप से अपना नेता चुनेगा। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया के लिए पार्टी पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। इस बैठक में अमित शाह के साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी मौजूद रहेंगे।आंखोंकेनीचेडार्कसर्कलकोछूमंतरकरदेगीरसोईकीयेचीजजानिएकैसेकरेंइस्तेमालPFI Banned : पीएफआई पर बैन को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का रिएक्शन, जानें क्या कहा******Highlights पीएफआई पर बैन को लेकर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का पहला रिएक्शन सामने आ गया है। ओवैसी ने कहा कि वे पीएफआई की इस सोच का समर्थन नहीं करते लेकिन पीएफआई को बैन करना गलत है। ओवैसी ने अपने ट्वीट में कहा-PFI प्रतिबंध का समर्थन नहीं किया जा सकता है। अपराध करने वाले कुछ लोगों के कामों का मतलब यह नहीं है कि संगठन को ही प्रतिबंधित किया जाए।बता दें कि देशभर में पीएफआई से संबद्ध ठिकानों पर छापेमारी और करीब 100 से अधिक लोगों को उसकी कई गतिविधियों के लिए गिरफ्तार करने और कई दर्जन संपत्तियों को जब्त करने के कुछ दिन बाद केंद्र सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार देर रात जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पीएफआई के कुछ संस्थापक सदस्य स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के नेता हैं और पीएफआई के जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से भी संबंध हैं। जेएमबी और सिमी दोनों ही प्रतिबंधित संगठन हैं।अधिसूचना में कहा गया कि पीएफआई के ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया’ (आईएसआईएस) जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ संबंधों के भी कई मामले सामने आए हैं। अधिसूचना में दावा किया गया कि पीएफआई और उसके सहयोगी या मोर्चे देश में असुरक्षा की भावना फैलाने के लिए एक समुदाय में कट्टरपंथ को बढ़ाने के लिए गुप्त रूप से काम कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि इस तथ्य से होती है कि पीएफआई के कुछ कार्यकर्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए हैं।अधिसूचना में कहा गया, ‘‘उक्त कारणों के चलते केंद्र सरकार का दृढ़ता से यह मानना है कि पीएफआई की गतिविधियों को देखते हुए उसे और उसके सहयोगियों या मोर्चों को तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित करना जरूरी है। उक्त अधिनियम की धारा-3 की उपधारा (3) में दिए गए अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इसे गैर-कानूनी घोषित किया जाता है।इनपुट-भाषा

नवीनतम उत्तर (2)
2022-10-07 13:09
उद्धरण 1 इमारत
Vastu Tips: तुलसी में कच्चा दूध चढ़ाने से जाग उठता है सौभाग्य, कभी भी प्लास्टिक के गमले में न लगाएं ये पौधा******हिंदू धर्म में के पौधे को बहुत महत्व दिया गया है और यह देवता के समान है क्योंकि तुलसी को देवी लक्ष्मी यानी धन की देवी का दर्जा दिया गया है। जाहिर है अगर आपके जीवन में कोई आर्थिक समस्या चल रही है तो देवी लक्ष्मी के रूप में तुलसी के पौधे की पूजा और तुलसी से संबंधित उपाय करने से आपको अवश्य लाभ होगा। लेकिन इससे पहले आपको यह जानने की जरूरत है कि वास्तु और ज्योतिष में बताए गए तुलसी के बारे में मुख्य नियम क्या हैं। तो आज इस लेख में हमने तुलसी से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स का जिक्र किया है।अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है और आप अपने घर में तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं तो घर में तुलसी का पौधा लगाने का सबसे अच्छा समय कार्तिक का महीना है। तुलसी को देवी लक्ष्मी का एक रूप माना जाता है और कहा जाता है कि यदि आप घर में तुलसी का एक पौधा लाकर कार्तिक मास में लगाते हैं तो घर में देवी लक्ष्मीजी भी आती हैं।
2022-10-07 11:13
उद्धरण 2 इमारत
मसल्स बनाना चाहते हैं? डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड, दिखेगा असर******Highlightsआजकल के युवाओं के बीच मसल्स बनाने का अलग हीक्रेजहै। सेलेब्स ले लेकर आम इंसान भी मसक्युलर बॉडी की चाहत रखतेहैं। इसके लिए कई युवा जिम में घंटों जी तोड़ मेहनत भीकरते हैं ताकि 6 पैक एब्स दिखें। यहां तक की येफिटनेस ट्रेनर की मदद से कोशिश में भी लगे रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं केवल एक्सरसाइज करने से मसल्स नहीं बनती? इसके लिए हाई प्रोटीन डाइट लेनी भी जरूरी है।वैसे तो आपको मार्केट में कई तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट मिल जाएंगे जिनको खाकर आप मसल्स बना सकते हैं। लेकिन इससे आपको साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कुछ हाई प्रोटीन फूड के बारे में जिनके सेवन से कोई साइड इफेक्ट नहीं होगासाथ ही आप मसल्स बना सकते हैं।अगर आप मसल्स बनाना चाहते हैं तो शकरकंदअपने डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसमें फाइबर, पोटैशियम और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। वर्कआउट के बाद आप स्नैक्स के तौर पर शकरकंद खा सकते हैं। इसके अलावा ये पाचन तंत्र ठीक करने, वजन घटाने में मददगार होता है। साथ ही इसके सेवन से शरीर में प्रोटीन की कमी दूर होती है।पालक भी मसल्स को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। ये आपको हर सीजन में आसानी से बाजार में मिल जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पालक में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जिससे मसल्स की ग्रोथ 20 फीसदी तक होती है। इसके अलावा मसल्‍स में पड़ने वाले मोच और ऐंठन को भी दूर करता है। आप इसे अपनीडाइट में जूस के तौर पर शामिल कर सकते हैं। आप चाहें तो इसे सैंडविच के रूप में भी खा सकते हैं।नॉनवेज खाने वालों के लिए फिश और चिकन हाई प्रोटीन डिश होता है। इन दोनों में ही प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अगर आप मसल्स बनाना चाहते हैं तो इन मछली और चिकन को अपनी डाइट मेंशामिल करें।मसल्स बनाने के लिए दूध बहुत फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। साथ ही इसमें वो फैट भी पाया जाता है जो मसल्स बनाने में मदद करता है। मसल्स बनाने के लिए रोजाना वर्कआउट के बाद मलाई निकाला हुआ दूध पीना चाहिए।
2022-10-07 10:55
उद्धरण 3 इमारत
Ranbir kapoor: क्या जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली हैं आलिया? रणबीर कपूर ने किया खुलासा******Highlightsएक्टर रणबीर कपूर और आलिया भट्ट बॉलीवुड इंडस्ट्री के हॉटेस्ट कपल्स में से एक हैं। जब से दोनों की शादी हुई है, तब से ही दोनों लगातार सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। इन दिनों रणबीर अपनी प्रोफेशनल लाइफ़ में काफी अच्छा कर रहे हैं, लेकिन उसके साथ ही उनकी पर्सनल लाइफ में भी खुशियों ने ज़बरदस्त दस्तक दी है। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों कपल बहुत जल्द पेरेंट्स बनने वाले हैं। अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी देकर आलिया ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया था और अब अब उनके पति रणबीर कपूर ने भी एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिसे सुनकर उनके फैंस खुशी से पागल हो जाएंगे।रणबीर कपूर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘शमशेरा का लगातार प्रमोशन कर रहे हैं। हाल ही में इस फिल्म के एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान रणबीर जर्नलिस्ट्स के साथ एक गेम खेल रहे थे। इस गेम के रूल्स के हिसाब से उन्हें अपनी ज़िंदगी का 2 सच और 1 झूठ बताना था। इस गेम के दौरान किये गए सवालों का जवाब देते हुए रणबीर ने कहा, "मैं बहुत जल्द ट्विन्स बच्चों का पापा बनने वाला हूं, मैं एक बहुत बड़ी पौराणिक मूवी का करने वाला हूं और मैं एक लंबी छुट्टी पर जाने वाला हूं।"हाल ही में आलिया ने अपने सोशल मीडिया पर अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी देकर सबको चौंका दिया था। उन्होंने दो तस्वीर शेयर की थी पहली तस्वीर में रणबीर और आलिया एक हॉस्पिटल में नज़र आ रहे हैं। और दूसरी तस्वीर में 3 शेर बैठे हैं। तस्वीर शेयर करते हुए आलिया ने लिखा था, "आवर बेबी कमिंग सून।"हालांकि, अब हम ये तो नहीं जानते कि रणबीर की इन तीनों बातों में कौन सी बात सही है और कौन सी गलत। पर हमें इतना यकीन है, अगर रणबीर कपूर को ट्विन्स होते हैं, तो उनके फैंस की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं होगा।
वापसी